बहू ने ना कहना सीख लिया था – स्वाती जैंन :

 Moral Stories in Hindi मम्मी , भाभी से बोल देना कि कल ऑफिस से छुट्टी ले ले , मेरे घर पर कल मैंने अपनी कुछ खास सहेलियों को बुलाया हैं , भाभी आएंगी तो मुझे मदद मिल जाएगी और वैसे भी मुझे मेरी सहेलियों के साथ बैठना पड़ेगा तो रसोई भाभी संभाल लेगी !! रमा … Read more

जाहिल – रश्मि झा मिश्रा :

 Moral Stories in Hindi “…सुमन वह मैं बताना भूल गया.… कल मां का फोन आया था… आज शाम को मां पापा आने वाले हैं.…!” सुमन ने माथा पकड़ लिया… ” इतनी जरूरी बात तुम कैसे भूल सकते हो राजीव…!” ” क्या करूं… ध्यान ही नहीं रहा…!”  सुमन ने जल्दी-जल्दी कमरे का लुक बदलना शुरू किया… … Read more

बिटिया का घर भी बसने दो – प्रतिभा भारद्वाज‘प्रभा’:

 Moral Stories in Hindi “अब क्या हो गया तुमको….किस चिंता में बैठी हो ….सब ठीक तो है….”  “अब क्या बताऊं तुमको…..आज फिर उसके यहां झगड़ा हो गया….अभी थोड़ी देर पहले ही उसका फोन आया था….खैर तुम अभी अभी दफ्तर से आए हो पहले आराम से चाय नाश्ता कर लो….”कहते हुए मीनू ने अपनी बहू से … Read more

माँ की भूल -लतिका पल्लवी :

 Moral Stories in Hindi समधन जी हमें माफ़ कर दीजिए। हम रमा को  समझाएँगे। आगे से आपसे वह इस तरह का व्यवहार नहीं करेगी। अरे! आप क्यों माफ़ी माँग रही है?आपने तो कुछ कहा नहीं है और रमा की गलती के लिए आप क्यों माफ़ी मांगेंगे?आप सही कह रही है समधन जी पर अब बिटिया … Read more

एक आंख से हंसे एक से रोवे – शुभ्रा बैनर्जी :

 Moral Stories in Hindi अमृता पापा की बहुत लाड़ली थी।पापा उसके नाज -नखरे उठाते रहे जिससे वह जिद्दी हो गई थी। बात-बात पर बगावत कर देती मां से।नकचढ़ी हो गई थी बहुत अमृता।काम काज में बहुत होशियार थी,पर करती अपने मन की थी।कॉलेज में सेकेंड इयर में थी,तभी एक अच्छा रिश्ता आया उसके लिए। लड़के … Read more

जाहिल – डोली पाठक :

 Moral Stories in Hindi काका ओ काका!! कहां हो?? अपनी पूरी ताकत लगा कर चिल्लाते हुए हर दिन मंगलू जब सुनिल के घर आता तो सरिता जल भून कर रह जाती…. आ गया… जाहिल.. ना बोलने की तमीज है और ना आवाज में कोई मिठास है इसके…. चीखते हुए आता है तो जी करता है … Read more

बिटिया का घर बसने दो – डोली पाठक :

 Moral Stories in Hindi 38 साल की कुंवारी बिटिया जिस घर में हो और माता-पिता उस बेटी के प्रेम में अंधे हों तो उस घर में बहूओं की स्थिति की कल्पना सहज हीं की जा सकती है… एक ऐसी बेटी की कहानी जिसके प्रेम में पागल हो कर माता-पिता ने उसका विवाह तक नहीं किया… … Read more

कहीं ये वो तो नहीं भाग -1 लतिका श्रीवास्तव

रात्रि की कालिमा विदा ले रही थी ।रात भर चांद के साथ गुफ्तगू होती रही । चांद विनम्रता से कालिमा को दूर जाने और रात्रि को आलोकित करने का आग्रह करता रहा ।कालिमा की हठधर्मिता ने कई बार चांद को भी अपना शिकार बनाने का क्रम निरंतर गतिमान रहा तभी सूरज के आने की आहट … Read more

खुशियों का असली तोहफ़ा – ज्योति आहूजा : Moral Stories in Hindi

उदयपुर की पतली गलियों में, गुलमोहर के पेड़ों से ढकी एक कॉलोनी में अभय मेहता का घर था। अभय एक निजी कंपनी में मैनेजर थे और पत्नी संध्या के साथ रहते थे। उनकी बारह साल की बेटी आठवीं कक्षा में पढ़ती थी। संध्या पड़ोस के एक स्कूल में गणित पढ़ाती थीं। पढ़ाने में सख़्त, लेकिन … Read more

प्यार की डोर – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” नहीं मां मैं अभी शादी नहीं करूंगी!” आराध्या अपनी मां गीता जी से बोली। ” अब नहीं तो कब करेगी पच्चीस की हो गई है लोग क्या कहेंगे जवान बेटी को घर में बैठा रखा है जिससे वो खर्चे चला सके घर के!” गीता जी दुखी हो बोली। ” मां ये लोग तब तो … Read more

error: Content is protected !!