अपने हुए पराए – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

सरोज जी को औलाद न होने से सुंदर से लगाव हो गया था ,ससुर के समय से ही जब गिरधारी लाल चौकीदारी करता था। तब वह अपने बेटे को हवेली ले आता, क्योंकि उसकी पत्नी जन्म देते ही गुजर गयी, जिस कारण गिरधारी लाल हमेशा सुंदर को साथ रखता,तब सरोज बड़े ही प्यार से उसे … Read more

अदरक वाली चाय – कंचन श्रीवास्तव आरज़ू : Moral Stories in Hindi

अखबार का पन्ना पलटते हुए रूबी सोच रही आज काम पर जायें कि ना जाये ,मन नही कर रहा जाने का,  वैसे वो छुट्टी लेती नही पर आज तबियत कुछ ढीली लग रही ,कल रात बारिश में भीगने के कारण नाक में सुरसुरी सी हो रही , सोच रही ले ले आखिर सी . एल  … Read more

विश्वास की डोर – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

जानकी.. आजकल मन बहुत व्यथित हो रहा है एक डर है जोमुझे अंदर ही अंदर खाए जा रहा है समझ नहीं आ रहा तुमसे कैसे कहूं.? कहूंगा तो तुम हंसोगी, 70 वर्षीय रामनारायण जी ने अपनी पत्नी जानकी से कहा! तब जानकी बोली… नहीं जी बिल्कुल नहीं हंसूंगी आप बताइए तो सही आपको ऐसा कौन … Read more

विश्वास की डोर – ज्योति आहूजा : Moral Stories in Hindi

ऑफिस में बैठे आलोक के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। “हैलो…?” फोन उठाते ही एक जानी-पहचानी आवाज़ सुनाई दी — “भैया… मैं सावित्री बोल रही हूँ।” “अरे, तुम दोपहर में कॉल क्यों कर रही हो? सब ठीक है?” आलोक ने पूछा। “भैया… मैं कल से काम पर नहीं आऊँगी। भाभी से कह … Read more

घर का आधार – प्रतिमा पाठक : Moral Stories in Hindi

ममता जब ब्याह कर इस घर में आई थी, तबसे ही उसकी दुनिया बदल गई थी। नए रिश्ते, नई जिम्मेदारियाँ और सबसे बड़ी बात हर पल खुद को साबित करने की चुनौती। ममता स्वभाव से सीधी-सादी, समझदार और मेहनती थी। उसने आते ही पूरे घर की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली थी। सुबह सबसे … Read more

माँ-बेटी का रिश्ता – रेनू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

रीना की बेटी प्रज्ञा एक सीधी-सादी, शांत स्वभाव की लड़की थी। बचपन से ही उसने कभी झूठ नहीं बोला था। रीना को उस पर आंख बंद करके भरोसा था। प्रज्ञा अपनी माँ से हर छोटी-बड़ी बात साझा करती थी — चाहे वह स्कूल की परेशानी हो, कोई दोस्ती का किस्सा, या दिल की कोई उलझन। … Read more

मिठू की लोहड़ी – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

रिनी और मिनी दोनों बहने आज बहुत खुश थी। रिनी दस साल की थी और मिनी तीन साल की । उनका छोटा भाई मिठू तो सिरफ दस महीने का था।वैसे तो खुशी की वजह लोहड़ी का त्यौहार भी था। लेकिन उससे ज़्यादा खुशी थी मिठू की पहली लोहड़ी । जैसा कि हमारे देश में कई … Read more

विश्वास की डोर – मीनाक्षी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

बड़े शहर की तेज़ रफ़्तार में, जहाँ हर कोई अपनी धुन में भागा जा रहा था, वहीं एक  घर की पहली मंज़िल पर, आरोही ने अपना नया ठिकाना बनाया था। वह एक अनाथ लड़की थी ( माता पिता की एक एक्सिडेंट में मृत्यु होने के बाद दूर के रिश्तेदारों ने भी अपना पल्ला झाड़ लिया … Read more

विश्वास की डोर – के आर अमित : Moral Stories in Hindi

अब हर रोज वो गुड मॉर्निंग गुड़ नाईट का मैसेज करता। खाना खाया की नही क्या बनाया आज बगैरह बगैरह। काफी दिन तक राधा उसे नजरअंदाज करती रही मगर मैसेज पढ़ती रोज थी ये बात साकिब को पता थी। कुछ दिन बाद साकिब ने शुभरात्रि का मैसेज किया किस्मत से राधा उस बक्त ऑनलाइन थी। … Read more

हर घर की कहानी – डॉ ऋतु अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

   मोहिनी, आकर्ष को लेकर घर लौटी तो पाया कि दोनों ननदें आई हुई थीं। दोपहर के दो बज रहे थे। जब मोहिनी, आकर्ष को लेने स्कूल गई थी तब तक तो कोई भी नहीं आया था और न ही सासू माँ अंजू ने ऐसा कुछ ज़िक्र किया कि दोनों ननदें आने वाली हैं। ख़ैर, उन्हें … Read more

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