विंडो सीट भाग -1 -अंजु गुप्ता ‘अक्षरा’ : Moral Stories in Hindi
गर्मियों की छुट्टियों के समय कन्फर्म सीट मिलना कोई आसान बात न थी। भतीजी की सगाई एकदम से तय हो गयी थी, सो जाना भी जरूरी था। विनय को ऑफिस से छुट्टी न मिल पायी थी। एक-दो दिन में आने का वायदा कर उसने सुरभि को जयपुर से चलने वाली जयपुर – चिन्नेई एक्सप्रेस में … Read more