सेवानिवृत – मधु वशिष्ठ
मोहन जी बिस्तर पर लेटे हुए थे, सुमित्रा जी सोफे से वाकर के सहारे चलती हुई मोहन जी के बिस्तर तक जाकर फ्लास्क में से पानी को गिलास में डालकर उन्हें दवा देने लगी और बोली आज शांताबाई कह कर गई है कि अब वह 5 दिन बाद राखी का त्यौहार मना कर ही आएगी। … Read more