परछाइयों की तासीर – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

एक ही चेहरे की दो परछाइयां —मेधा और नेहा। जुड़वाँ बहनें थीं, एक ही दिन, एक ही समय, एक ही कोख से जन्मी थीं, पर फिर भी ज़िंदगी ने उनके लिए राहें अलग-अलग लिख दी थीं। उन दोनों के  स्वभाव, व्यक्तित्व और जीवन के प्रति दृष्टिकोण में ज़मीन-आसमान का अंतर था।    नेहा—चमकदार गौरवर्ण त्वचा, सिल्की … Read more

सीमा का पछतावा – रेनू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

सीमा आज फूट-फूटकर रो रही थी। उसका दिल ग्लानि और पछतावे से भर गया था। उसे अपनी हर वह बात याद आ रही थी, जब उसने अपनों को ठेस पहुँचाई थी। उसका बेटा अमन और पति अक्सर समझाते थे कि जीवन में रिश्ते सबसे ज़्यादा कीमती होते हैं, लेकिन सीमा को तो अपने अहंकार का … Read more

ईर्ष्या का जहर – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

तेज बुखार से रेवती का शरीर तप रहा था,वह दर्द से कराह रही थी, मगर इस शारीरिक दर्द से कहीं ज्यादा पीड़ा उसके दिल को हो रही थी,उसे आत्मग्लानि हो रही थी, पश्चाताप की अग्नि में वह झुलस रही थी।आज उसकी हालत की जिम्मेदार वह स्वयं थी।आज वह अकेलेपन का दर्द झेल रही थी।उसे याद … Read more

राज खोलना – भावना कुलश्रेष्ठ : Moral Stories in Hindi

दिसंबर की वह सुबह कुछ अलग थी। आसमान धुँध से ढँका हुआ था, चारों ओर घना कोहरा…. मानो जिंदगी के सारे राज अपने धुंध में छिपाकर ही मानेगी। अस्पताल के बरामदे में बैठी 22 वर्षीय नेहा के चेहरे पर उदासी की मोटी परत जमी थी। माँ अंदर ICU में जीवन से जूझ रही थी, और … Read more

ईर्ष्या की छाया से उजाला – डॉ० मनीषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

मुंबई की उमस भरी गर्मी में ‘कॉफी कॉर्नर’ की ठंडी हवा भी अरुण के मन की गर्मी को शांत नहीं कर पा रही थी। उसकी नजरें टेबल के दूसरी ओर बैठे विवेक पर टिकी थीं, जो अपनी नई कार की चाबियों को उत्साह से घुमा रहा था। वह चाबी सिर्फ धातु का टुकड़ा नहीं थी, … Read more

राज खोलना – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

   सुशांत और मनोज बहुत अच्छे दोस्त थे। दोनों एक साथ  दसवीं बोर्ड परीक्षा पास किए थे और एक ही साथ 11वीं में नामांकन लिये थे |  दोनों पढ़ने में अच्छे  थे | सुशांत जहां अच्छे घर का लड़का था वहीं मनोज के घर की आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं थी फिर भी दोनों में अच्छी … Read more

#घर दीवार से नहीं परिवार से बनता है – सरिता कुमारी : Moral Stories in Hindi

परिवार के जिस प्रारूप की परिकल्पना की थी कभी आज वो पूर्णतः प्राप्त हो गई है । वर्तमान समय में यह बड़ा ही दुर्लभ कल्पना का तो हकीकत बनना नामुमकिन ही था लेकिन मैं नाउम्मीद नहीं हुई और हमेशा प्रयत्नशील रही । यह काम बहुत कठिन था । हिंसा भड़काना या दिलों में नफ़रत पैदा … Read more

ईर्ष्या – सुनीता मुखर्जी श्रुति : Moral Stories in Hindi

खूबसूरत रितिका के बाल बहुत ही सुंदर, घुंघराले एवं घुटनों तक लंबे थे‌। जो हर स्त्री की चाहत रितिका के बालों जैसी होती है। कोई भी खूबसूरत बालों का विज्ञापन देखते ही रितिका का नाम जहन में गूंजने लगता। भगवान भी किसी- किसी को बहुत फुर्सत से बनाते हैं। यह सभी बातें रितिका पर एकदम … Read more

ईर्ष्या – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

गोमती के दो बेटे और एक बेटी सुखी और संपन्न परिवार था । गोमती के दोनों बेटों की शादी हो गई और बेटी भी अपने ससुराल में सुखी थी । बेटी की शादी बहुत अच्छे घर में पैसे वालों क्या हुई थी। बेटी नव्या फिर भी अपनी भाभियों से ईशा करती थी नव्या के पास … Read more

 तरक्की – पुष्पा कुमारी ‘पुष्प’ : Moral Stories in Hindi

“मोहित बेटा! तुम अमेरिका से वापस कब लौटे?” अचानक एक जानी पहचानी आवाज सुनकर घर के बाहर खड़े अपने स्कूटर की सफाई कर रहे मोहित का ध्यान भंग हुआ… “अरे अंकल आप! नमस्ते अंकल! बहुत दिनों बाद इधर आना हुआ आपका!” किराया देकर अभी-अभी ऑटो से नीचे उतरे जगदीश्वर जी को देखते ही मोहित ने … Read more

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