काली रात – मधु वशिष्ठ :  Moral Stories in Hindi

मेरी उपस्थिति शायद किसी को महसूस ही नहीं हो रही थी। तीनों बहनें चाचा जी के बेटे से गले मिलकर रो रही थी, भैया यह कैसी काली रात आई हमने तो अपने पिता को ही खो दिया और वह चाचा जिनको कि पिताजी और माता जी सौ सौ गालियां देते थे कि इन्होंने दादा जी … Read more

काली रात – गीता अस्थाना :  Moral Stories in Hindi

हीरालाल जी बड़े ही गर्म मिज़ाज और थोड़े झगड़ालू स्वभाव के व्यक्ति थे।आए दिन मुहल्ले में उनकी क्रोधपूर्ण आवाज़ सुनाई पड़ जाती थी। कभी पत्नी से बहस करते हुए, कभी बच्चों को डांटते हुए या कभी अपने किसी किरायेदार से झड़प करते हुए। आसपास के लोगों के लिए एक तमाशे का माहौल बन जाता था। … Read more

वो काली रात – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 देखिए, कैसे मैं रेखा सड़क पर कटी पड़ी हूं। तड़प तड़प कर मर रही हूं। कोई देखने वाला भी नहीं। एक ट्रक ने टक्कर मारी और मैं उसके पहिए के नीचे आ गई। मैं बीच में से कट गई। कमर से नीचे का हिस्सा अलग और ऊपर का अलग। आह!आह! बहुत दर्द हो रहा है, … Read more

नई सुबह का सूरज – निभा राजीव”निर्वी” : Moral Stories in Hindi

सबकी प्यारी दुलारी सत्रह वर्षीया आशी! उस बड़े से संयुक्त परिवार की लाडली! घर में उसके मां पापा, भाई, दादा, दादी, चाचा, चाची, चचेरी बहन, और चचेरा भाई। सबके प्रेम प्यार और एकता का अद्भुत संगम था इनका परिवार! और आशी… वह तो सबसे छोटी सबकी आंखों का तारा थी! सब जी भरकर नेह लुटाते … Read more

ईश्वरत्व – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

मां तू मेरे पास बैठे रह अपने नन्हे कोमल हाथों से विशाखा का हाथ कस कर पकड़ते हुए अबोध मुन्नू ने कहा तो विशाखा की आँखें भर आईं। हां हां बिटवा हम यहीं बैठे हैं।अपने बेटू के पास से उठ कर कही ना जायेंगे कहने के बाद विवशता की एक टीस उसके कलेजे को चीर … Read more

जेठानी का दोगलापन – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

दीदी आपके मायके से तो जो तीज आएगा वही साड़ी आप पहनिएगा? आपकी माँ तो साड़ी मे फॉल पीको करवाकर और ब्लाउज बनवाकर भेजती है।आपको तो कोई दिक्क़त नहीं होता है पर मेरे मायके से तो पैसा आता है।आपको पता ही है,पापा आपके देवर के अकाउंट मे पैसा डाल देते है। कल ही पैसा आया … Read more

रक्षक – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

बरसात की अँधेरी काली रात है। आसमान जैसे अपने आँचल से लगातार भर-भरकर पानी उड़ेल रहा है । ऐसा लग रहा है  मानो बस बादल  ही फटने की देर है । जिधर देखो सड़कों पर कीचड़, गड्ढे और अँधेरा ही अँधेरा, हाथ को हाथ सूझ नहीं रहा है दूर की तो छोड़िए पास का भी … Read more

काली रात का सच – नीरज श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

“कौन हो तुम?? देखो, मेरे पास मत आना।  मुझे, मुझे मत मारो। तुम जो कहोगे मैं वही करुँगी। मुझे जाने दो। प्लीज, मुझे जाने दो।”         ये शब्द सोनाक्षी के थे। जो अभी गहरी नींद की आगोश में बिस्तर के एक तरफ लेटी हुई थी। उसका शरीर पसीने से लतपथ था और … Read more

काली रात – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

“ये क्या मां आप फिर रोने लगी, जब भी आप ऐसे इमोशनल सीन देखती हो बस रोने लग जाती हो।( सोनल टीवी पर पिता पुत्री के स्नेह को दर्शाता एक सीन देखकर भावुक हो गई)  अब तो नानाजी को गुजरे हुए भी 10 साल हो गए पर आपका उनको इस तरह रह रह कर याद … Read more

मेहंदी की वो काली रात – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“अरे लता कहाँ हो ….?शादी का घर है सब अपने में मस्त हैं….पता है कि नहीं शादी के घर में कितने काम होते…. दुबके पड़े हैं सब रजाई में।”सुबह सुबह गाँव से शहर पहुंची कम्मो बुआ घर में घुसते ही कृतिका की माँ को आवाज देने लगी “आई दीदी…..वो मैं नहा रही थी फिर आज … Read more

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