वर्षगांठ – अरुण कुमार अविनाश
शादी की वर्षगांठ थी। ऑफिस जाने के लिये तैयार हो रहा था – मोहिनी किचन से मेरा लंच बॉक्स ले कर आयी और मेरी टाई की नॉट ठीक करने लगी। मैंने धीरे से उसे अपने आलिंगन में भर लिया और अनुरागपूर्ण स्वर में बोला – ” शादी की सालगिरह मुबारक हो – मेरी जान।” ” … Read more