बीमार होना, पड़ गया भारी – गीता वाधवानी

  आप सोच रहे होंगे, बीमार पड़ना कैसे भारी पड़ गया? देखिए दोस्तों, कुछ लोग ऐसे होते हैं जो काम नहीं करना चाहते और आराम करने के लिए बीमार होने का नाटक करते हैं और उस पर कमाल है कि बीमारी भी ऐसी बताते हैं जो सामने वाले को दिखाई ना दे जैसे कि पेट दर्द, … Read more

बैरी पिया – सुषमा यादव

,,,, एक राज़ की बात बताऊं,, आपको दिल की बात बताऊं नहीं, नहीं, सबको बता देंगे आप,, कहानी बना देंगे,,,,,, आप,,,,,,, इसलिए इस राज़ को हम , यहीं पर दफ़न कर देते हैं,,,जब आप कहेंगे,, आप पर पूरा भरोसा है, आप जो भी कहेंगी,,सच कहेंगी,,,सच के सिवाय कुछ नहीं कहेंगी,तब हम आपके सामने हाजिर कर … Read more

रेशमा – पूनम रावल

उस लड़की में ऐसा खास कुछ नहीं था जिस पर कहानी लिखी जा सके । मगर कुछ तो था कि मैं अपने आप को उसके बारे में लिखने से रोक नहीं पाई । सुबह सुबह पार्क के बेंच पर मैं उदास बैठी थी । घर और बच्चो की परेशानियों से मन उदास था । तभी … Read more

चरित्रहीन – पूनम रावल 

र्पाक मे सैर करते हुए मैंने देखा एक नौजवान लड़का एक अधेड़ उम्र की औरत को सहारा दे कर बैंच पर बैठा रहा था।मैंने सोचा शायद माँ और बेटा होंगे।उन्हें देखकर कुछ महिलाएं खुसर पुसर करने लगी ।मेरे पूछने पर उन्होंने बताया कि वे माँ बेटा नहीं हैं लेकिन एक ही घर मे एक साथ … Read more

थैंक्स – कंचन श्रीवास्तव

बहुत जोर की भूख लगी थी,भूख से रिया का हाल बेहाल हो रहा ,पर ससुराल में पहला दिन उसे चुप रहने के लिए मजबूर कर रहा इतने में रवि का प्रवेश कमरे में हुआ। उसे देख को थोड़ी असहज हुई,होना लाजिमी है जिस शख्स से कभी मुलाकात नहीं हुई सिर्फ बात ही बात हुई है।आज … Read more

साथ निभाना साथिया – प्रीती सक्सेना

आज विषय आधारित कहानी लिखने बैठी हूं तो 37 साल 6 महीने का साथ आंखो के सामने घूम रहा है, अच्छा विषय दिया है, इसी बहाने इतना लंबा समय जो हमने साथ गुजारा है , सब दोबारा याद आ जाएगा, जिनकी स्मृतियां धूमिल हो चुकीं थीं। 19 नवंबर 1984 को हम एक दूसरे की जिंदगी … Read more

अनोखा रिश्ता – पूनम रावल

जानता हूँ वो अब यहाँ कभी नहीं आएगी, फिर भी रोज़ उसका इंतज़ार करता हूँ। उसी तरह जैसे पहले किया करता था। ऐसा लगता है फूल, पत्ते, पेड़, पौधे सब उसका इंतज़ार कर रहे हों।जब से वो गई है मानो बहार चली गई हो। बहार बन के ही तो आयी थी वो मेरी ज़िंदगी में। … Read more

पति के दिल की रानी हूं मैं ….कृति मेहरोत्रा 

अरे तुम तो बहुत जल्दी वापस आ ग‌ईं ” पतिदेव ने हंसते हुए ताना मारा “  ” तो क्या नहीं आना चाहिए था “?  ” नहीं मेरे कहने का मतलब था कि थोड़े दिन और रूक जाती , तुम्हें हमेशा शिकायत रहती है कि मैं तुम्हें कहीं जाने नहीं देता हूं कहीं रुकने नहीं देता … Read more

प्यार का दर्द है, मीठा मीठा  प्यारा प्यारा – सुधा जैन

वसुंधरा अपनी उम्र के उत्तरार्ध को पार कर रही है ।वसुंधरा बहुत ही संवेदनशील, भावनाओं से भरी कोमल नारी है। उसके जीवन के पूर्वार्द्ध को देखें तो उसके अनुभव अच्छे नहीं हैं ।जब वे छोटी थी तब अपने ही किसी रिश्तेदार के दुष्कर्म का शिकार होते होते बची, और उन हाथों की चुभन वह अभी … Read more

बैरी पिया? – गरिमा जैन

पति :क्या डार्लिंग फिर से मूंग की दाल की खिचड़ी बना ली। तुम्हारे हाथों में तो जादू है, कुछ और भी बना लिया करो। अरे यह पैकेट में तुमने क्या छुपा के रखा है सोफे पर ।जरूर खाने का सामान पैक करा कर लाई हो। पत्नी : हां लाई तो हूं ,खोलकर देखना चाहोगे? पति … Read more

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