आप अपने बेटे के साथ क्यों नहीं रहते – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

सोसाइटी में नई नई रहने आई सुषमा जी से सोसाइटी  की बाकी सब औरतें उनके साथ घुल मिल कर रहने की कोशिश करती मगर उनका अहम शायद उन्हें सबसे मिलकर रहने की  इजाजत नहीं देता था या फिर कुछ ओर बात थी?? यहां तक की वे बातें भी नापतोल कर ही करती थी। शाम के … Read more

 अपनों की पहचान -सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

सुष्मिता 2 साल पुराने अपने ख्यालों में खो जाती है—- कितना अच्छा समय था पति समीर बैंक मैनेजर थे और रिटायर्ड होने में अभी 2 साल ही बाकी थे उनकी हार्ट अटैक से मृत्यु हो जाती है, समीर मेरे साथ-साथ अपने बेटे शशांक  और बेटी शालिनी का बहुत ध्यान रखते थे रिटायर्मेंट के पहले ही——- … Read more

करवट बदल ली – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

आज अपने पत्नी के चेहरे को देखकर उसके दर्द  को महसूस कर रहा । हो भी क्यों ना  ये वही है जो हर वक़्त गुस्से में रहती थी ,ज़िद्दी ऐसी कि किसी की कोई बात न सुनी,हर वक़्त घर का माहौल खराब किये रहती थी ।कुल मिला के इसको हर किसी से कोई ना कोई … Read more

मैं भगोड़ा नहीं – शुभ्रा बैनर्जी  : Moral Stories in Hindi

आज अदालत में नितिन और रोमी के केस की सुनवाई थी।रोमी की तरफ से पति और ससुराल के ऊपर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था।एक मध्यम वर्गीय परिवार के इकलौते बेटे ने, शादी के समय कभी सोचा भी नहीं था कि कुछ ही महीनों में उसके परिवार को यह दिन भी … Read more

काली रात – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

मेरे जीवन की वह रात  “काली रात “बन गई थी मेरे लिए ।स्मृति के पन्ने बिखरने लगे थे।क्या क्या याद करूँ? उसदिन रात से ही विनय की तबियत बहुत खराब हो गई थी ।रात भर सो नहीं पा रहे थे ।बेचैनी और उल्टियाँ हो रही थी ।मैंने दिलासा दिया “अस्पताल चलते हैं,सब ठीक हो जाएगा … Read more

प्रोफेसर विद्रोही – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

प्रोफेसर विद्रोही आराम कुर्सी पर लंबे पाँव फैलाए कॉफी का कप हाथ में लिए उदास निगाहों से अपनी स्वर्गीय पत्नि की बड़ी सी श्वेत श्याम तस्वीर को निहार रहे थे। तस्वीर के ऊपर जड़े शीशे पर उन्होंने मालती के माथे पर एक लाल बिंदी चिपका रखी थी। कभी कभी उन्हे लगता कि मेहंदी लगे हाथों … Read more

मुझसे विश्वास घात नहीं होगा – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

शिवानी बेटा..  तेरे पापा मम्मी भैया भाभी तेरी बड़ी बहन, तू मेरा बेटा सब वैष्णो देवी माता के दर्शन के लिए जा रहे हैं, मेरी तो कितने सालों से इच्छा थी कि मैं भी माता रानी के दरबार में जाऊं पर मेरी यह इच्छा कभी पूरी ही नहीं हो पाई, विवेक के पिता  मेरी हर … Read more

स्वाभिमान बाकी है – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

        इंदु और रितेश को इस “ खुशी” नामक वृद्धआश्रम में आए लगभग दो महीने हो गए थे। ये एक ऐसा आश्रम है जिसमें वो हर सुख सुविधा है, जो वैसे तो हर एक को लेकिन विशेष तौर पर उम्रदराज लोगों को चाहिए।आज के जमाने में बहुत कम लोग या कह लो बच्चे बुजुर्गों की समस्याएं … Read more

मेरी पहली कमाई का हकदार कौन – सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

रूबी अपने स्कूल से लौटकर आई तो एक अलग ही आत्मविश्वास और चमक उसके चेहरे पर थी और हो भी क्यों न आख़िर आज उसे उसके जीवन में पहली बार खुद की मेहनत से कमाए हुए रुपये जो मिले थे। आज उसको पढ़ाते हुए एक महीना पूरा हो गया था और उसके हाथ मे उसकी … Read more

विश्वासघात – सुदर्शन सचदेवा : Moral Stories in Hindi

रेनु तो आज इतनी खुश थी कि चेहरा भी बिल्कुल पिंकिश पिंकिश लग रहा था , जानते है क्यूं ? क्योकि कालेज के बाद बहुत सालों से एक दूसरे से मिले नहीं थे | आज उसके पैर जमीन पर नहीं थे , ऐसे लग रहा था कि किसी ने उड़ान भर दी हो | रेनु … Read more

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