खुशी का रंग – रीता खरे
सावन माह के आगाज के साथ ही प्रकृति के हरित रंग में रंगते ही पर्णिका के चेहरे ने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उदासी की चादर ओढ़ ली थी , सारी सखी सहेली हरी हरी चूड़ी पहनें , हाथों और पैरों में मेंहदी रचा कर अपने अपने मायके सावन तीज मनाने ,भाई को … Read more