रील V/S सिनेमा – अरुण कुमार अविनाश
सिनेमा देखने क्यों जाऊँ ? उन बूढ़ी – बासी – बेनूर चेहरों का दीदार भी क्यों करुँ ? जिनका कहना है कि क्यों आते हो देखने ? हम तो तुम्हें बुलाते नहीं है। सेंसर हो चुकें दृश्यों का अवलोकन ! मैं क्यों करुँ ? अपने गाढ़े पसीने की कमाई क्यों बर्बाद करुँ ? सबसे बड़ी … Read more