वेदना (दर्द) – मीनू जायसवाल

चित्रकथा पहले तो मन में एक ही सवाल आता है वेदना (दर्द) क्या है, तो आइए हम आज थोड़ी सी इसी विषय पर चर्चा कर लेते है, वेदना यानी “दर्द”जो हम सब के हिसाब से आमतौर से शारीरिक चोट पहुंचने से होता है ,लेकिन मेरा अपना अनुभव कहता है की वेदना सिर्फ शारीरिक चोट ही … Read more

पागल – गुरविन्दर टूटेजा

मन_के_भाव  ———–    मेरा दस साल का बेटा अभिमन्यू हँसते हुये घर में घुसा तो मैंने पूछा क्या हुआ इतने खुश क्यों हो…?????   वो बोला मम्मी अपनी कॉलोनी के बाहर मंदिर में एक पागल आया है आजकल वो ऐसी ऐसी हरकतें करता है इसलिये हँसी आ रही थी…!!!!!  मैंने उसे  समझाया कि बेटा ऐसे किसी की … Read more

नफरत – कमलेश राणा

समर एक मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छे पद पर कार्यरत था।पत्नी माधवी भी अस्पताल में नर्स थी।काफी मनन्तों के बाद उन्हें दो कन्यारत्न की प्राप्ति हुई।एक छोटा सा घर संसार,खुशियों से भरा-पूरा,जीवन की हर सुख सुविधा से परिपूर्ण,,,, दोनों बेटियाँ पढ़ने में बहुत ही होशियार,,, समर अपनी बेटियों को देख-देख कर फूला नहीं समाता,ठीक उसी तरह … Read more

गिद्ध – नीलम सौरभ

दूसरे राज्य स्थित गाँव की रहने वाली कंचन अपने पति मुकेश और दो बच्चों के साथ हफ़्ते भर पहले ही इस नये शहर में शिफ्ट हुई थी। झारखण्ड का रहने वाला मुकेश वाहन आदि सुधारने वाला मैकेनिक था जो मध्य भारत के इस शहर में कुछ सालों से गाड़ियों की बॉडी बनाने वाले गैरेज में … Read more

जन्मदिन – अनु ‘ इंदु ‘

कल मेरी ननद विभा का जन्मदिन था । विभा दीदी मेरे पति से आठ साल बड़ी हैँ । नंदोई मनोज जी दस साल हुये SBI से ब्रांच मेनेजर के पद से रिटायर हो चुके हैं । सुबह जब उनको शुभकामनायें देने के लिये फोन किया तो उन्होंने हमें अपने यहां लंच पर इनवाइट कर लिया … Read more

अनोखा प्यार – पिंकी नारंग

  चम्पा की सूजी हुई आँखो और चेहरे पर छपी उंगलियों  के निशान देखते ही वाणी समझ गयी की चम्पा की हमेशा वाली कहानी की पुनरावृत्ति हुई है।  २०साल की अपनी घरेलू सहायिका चम्पा के सर पर हाथ रखते हुए वाणी कहने लगी”मना किया था ना,मत ले जा अडवांस पैसे भी दिए आदमी को और मार … Read more

पिता का दिल –  गोविन्द गुप्ता

राघव एक सीधा सादा नवयुवक था पिता की एकमात्र संतान , अच्छी पढ़ाई व पालन पोषण के कारण समाज मे अच्छी प्रतिष्ठा थी, लोग बहुत सम्मान करते थे, शादी के लिये रिश्ते आये तो जानकी नाम की एक शिक्षित व सुसंस्कृत महिला से विवाह कर लिया, इधर एक बेटा हुआ राघव के तो दोनो बहुत … Read more

पीहर – प्रीती सक्सेना

   इस बार का विषय, बहुत रुलाएगा,, मुझे,, मातृविहीन बेटी,,, मम्मी के साथ बिताए दिनों को याद करेगी,, और आप सबके साथ अपनी भूली बिसरी स्मृतियों को सांझा भी करेगी।     अपनी शादी के चौथे साल ही,, मां के आंचल से छूट गई मैं,, हां,वो तीन साल जो मम्मी के सानिध्य में गुजारे,,, वो आज 33 साल … Read more

“मेम साहब “ – अरविंद दीक्षित

“राजा ,तुम्हारा पत्र “मैने अपने बैरे को आवाज  लगाई.उसे मेरी बात पर विश्वास ही आया .उसने वही से मुस्कुराते  हुए उत्तर दिया “क्यों साहब !मजाक को भी आपको यही मेरे काम का समय मिला ,मेरा पत्र !आप वहीं से ही पढ़ दीजिये “     मै एक क्षण उसके भोले मुस्कुराते चेहरे को देखता रहा ,फिर मैने … Read more

बेस्ट मोम का अवार्ड  -चाँदनी झा

मोनिका सूरज के प्यार में, शादी करते ही सात साल के बच्चे सोनू की माँ तो बन गयी। पर……कैसे बच्चों को मनाये, कैसे खिलाये, उलझ गयी थी वह। सूरज की पहली पत्नी नंदिता जब सोनू  4 साल का था, तो लंबी बीमारी के कारण उसका निधन हो गया। सूरज की जिंदगी में अंधेरा तो आया … Read more

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