गांव की गलियों का मोल – ज्योति अप्रतिम
********************** चन्दना जब भी अपने माँ -पापा के साथ दूसरे शहर जाती ,सहम जाती ।वहां के लोग ,दुकानें ,बस स्टैंड सब उसे एक दम अजीब और अजनबी नजर आते । धीरे -धीरे यही डर एक उसके मन में एक ग्रंथि बन गया ।पढ़ते हुए कॉलेज में पहुंच गई ।पढ़ाई पूरी कर एक स्कूल में अध्यापिका … Read more