ख्वाब बनकर रह गया : माताजी का घर – गुरविंदर टूटेजा
अप्रकाशित छोटा सा गाँव वहाँ माताजी का भरा-पूरा परिवार…लोग कहते थे स्वर्ग देखना है तो माताजी के घर चलें जाओ…सच स्वर्ग ही तो था जो इतनी आसानी से लुप्त हो गया…!! पिताजी-माताजी के तीन बेेटे व एक बेटी सबके अपने परिवार बड़े बेटा-बहू के चार बच्चे…दो बेटे व दो बेटियाँ ….मँझले बेटा-बहू के दो बच्चे…एक … Read more