किराए की कोख – अनुपमा

इमली नई नई शहर आई है , राजू अपने पति और दो बेटों के साथ , गांव मैं कुछ नही बचा था ,खुद की कोई जमीन थी नही , दूसरों के यहां मजूरी करने के बाद अंत मैं 2 रुपए भी नही बचते थे , बच्चे बड़े हो रहे थे तो काम की तलाश मैं … Read more

उड़न परी – अनुपमा

( सच्ची घटना पर आधारित )  पापा पापा मुझे भी उड़ना है आप कब ले जाओगे मुझे अपने साथ … अशोक को उसकी बेटी काशू ने नींद से उठा दिया , अशोक अपनी बेटी को गोद मैं लेकर बाहर बालकनी में आ गया और उसे आसमान मैं उड़ते पक्षी दिखाने लगा , कोई हवाई जहाज … Read more

स्वाभिमान तो बेटी ही बढा़येगी!!  – मनीषा भरतीया

बाबूजी बाबूजी मुझे भी भाई की तरह एक साइकिल दिला दो ना क्योंकि हमारे गांव में तो कक्षा 10 तक  ही स्कूल है…मुझे आगे पढ़ने के लिए हमारे गांव से 5 किलोमीटर दूर पढ़ने जाना पड़ेगा…. हां हां लाडो मुझे याद है मैं कल ही तेरी साइकिल की व्यवस्था करता हूं….. तभी रानों की दादी … Read more

 बेटी : माँ की ढाल – गुरविंदर टूटेजा

   मेहर बेटा तुम बताओ कौनसे होटल चलना है…पापा ने पूछा..!!    मेहर ने आवाज लगाई…मम्मी जल्दी इधर आओ और आप बताओ कि कहाँ चलना है…??     दादी बोली कि मेहर तुम बताओ ना बेटा….नीलिमा क्या बतायेगी..?    दादी !मम्मी क्यूँ नहीं बता सकती..?   इतने में पापा ने कहा…मेहर तुम दादी से बहस क्यूँ कर रही हो तुम्हें नहीं … Read more

बेटे ने किया पराया बेटी ने अपनाया – सरगम भट्ट

कांति जी का हंसता खेलता पांच बच्चों का परिवार था , चार बेटियां और एक बेटा । बेटा सबसे छोटा था जो दो बेटियों के ब्याह के बाद हुआ था । सबसे छोटा और एकलौता होने के कारण कांति जी और राधेश्याम जी उसे खूब लाड़ प्यार करते थे , उसे अकेले कहीं जाने नहीं … Read more

मेरी बेटी मेरी है – डा. मधु आंधीवाल

सुनन्दा आज एक दम अचम्भित हो गयी जब मनु ने आकर कहा आप मेरी मां नहीं हो आज तक आप मुझसे झूठ बोलती रही । वह मनु से बहुत पूछती रही कि किसने तुमको बहका दिया । मनु केवल आठ साल की थी । जब उसका अनचाहा जन्म हुआ तभी उसने एक कठोर निर्णय कर … Read more

” मुझे माफ कर दो माँ” – सीमा वर्मा

माँ ने पूछा है ? ‘ सुधाकर नहीं दिख रहे हैं तेरे प्रमोशन का इतना बड़ा फंक्शन और वही गायब ‘ जब दरवाजे पर सुधाकर की राह तकती माँ की नजर थक चुकी तब उनसे रहा नहीं गया था। और उनके इस दुखदाई सवाल ने ‘मेहुल’ को अन्दर तक छिल कर रख दिया है । … Read more

जिन्दा लाश – स्मिता सिंह चौहान

अरे वाह चन्दा, चाँद सी बेटी को जन्म दिया है तूने तेरा बुढापा तो इसकी कमाई में आराम से चलेगा ।”चंदा बाई ने खुशी से बलैया लेते हुए बोला । “नहीं मौसी, अब इसे तो बखश दें ।एक घंटे पहले तो ये इस दुनियाँ में आयी है, इसे खुल के साँस तो लेने दें ।मैं … Read more

जवाब – विजय शर्मा

“आज शाम को हो सके तो घर जल्दी आ जाना।” दफ्तर जाते समय उदय को शालिनी ने टोका तो वह आश्चर्य से भर उठा। उसने शालिनी की ओर प्रश्नवाचक निगाहों से देखा और ज्यो ही घड़ी पर नजर पड़ी अपना टिफिन उठाया और तेज तेज पेडल मारता अपनी साइकल पर चल पड़ा दफ्तर की तरफ … Read more

तेरी मोहब्बत ने – विनोद सिन्हा “सुदामा”

मैं उसे जब भी देखता ,जब भी मिलता था तो यह सोचकर मिलता कि या तो आज सब कुछ कह दूँगा या फिर सब कुछ खत्म कर दूँगा.. फिर सोचता आखिर खत्म क्या करूँ… मेरे दिल मे बसी उसकी बेपनाह मुहब्बत या उसके दिल में बसी  मेरे लिए बेहिंता नफरत.. “दिव्या” मेरे मुहल्ले की भोली … Read more

error: Content is protected !!