देवरानी जेठानी – पूजा मनोज अग्रवाल

करीब बारह साल पहले मेघा ब्याह कर अपने ससुराल आई,,,आते ही उसने अपने सदव्यवहार से परिवार के सभी सदस्यों कोअपना बना लिया था । मेघा की शादी के अगले ही वर्ष उसके देवर की शादी भी हो गई  , घर में नई बहु सुरीली का आगमन हुआ  , सुरीली भी अपनी जेठानी के जैसी गुणवान … Read more

हिन्दी मे सुविचार

लफ़्ज़ों की कमी हो गई है पास हमारे.. वरना क़ाबिले तारीफ़ तो बहूत कुछ है आप में”” . “तेरी तो फितरत थी सभी से मोहब्बत करने की….. हम बेवजह ही खुद को खुशनसीब संमझ बैठे.” . “अच्छाई के पीछे कोई नही जाता बुराई के पीछे सभी जाते है। शराब बेचने वाला कही नही जाता दृूद् … Read more

हिन्दी मे सुविचार

“मुँह पर कड़वा बोलने वाले लोग कभी धोका नहीं देते, डरना तो मीठा बोलने वालो से चाइये जो दिल में नफरत पालते है और वक्त के साथ बदल जाते है….” . जहां शमा की जगह दिल जलाए जाते हैं बड़े अदब से वहां हम बुलाए जाते हैं” . “तकलीफ़ ख़ुद ही कम हो गई, जब … Read more

फेरो के गुनहगार – सपना शर्मा काव्या

शादी की तैयारी चल रही हैं। सभी बहुत खुश हैं, और हो भी क्यों ना तिवारी जी कि लाड़ली,इकलौती बेटी की शादी जो है।चारों ओर खुशियाँ ही खुशियाँ फैली है।     बस दुल्हन होने के  बाद  भी निशा के चेहरे पर उदासी थी। कोई कारण न होने के बाद भी निशा को अपनी खुशी अधूरी सी … Read more

बेटियां दिल की धड़कन – डा. मधु आंधीवाल

————————- हिमा कहां हो तुम देखो शादी का बहुत काम है । पंकज पुकारते हुये अन्दर आये । पूरे घर में शादी की तैयारी चल रही थी । एक नहीं दो दुल्हन इस घर से विदा होनी थी । दोनों प्रशासनिक अधिकारी । रानू और शीना सबके लिये अधिकारी पर मां के लिये वही रानू … Read more

बालक की पुकार – डॉ संजय सक्सेना

कोई मेरे बेटे को बचा लो…… डॉक्टर मेरी ऑक्सीजन निकाल कर मेरे बेटे को लगा दो….. यह मासूम है ज्यादा समय संघर्ष न कर सकेगा…. डॉ प्लीज…. मेरी बात सुनो अर्पिता ने आईसीयू में भर्ती होते अपने बेटे को बचाने के लिए गुहार लगाई। दरअसल एक दिन पहले ही अर्पिता को कोविड-19 के कारण सरकारी … Read more

सिसक (कुसूर किसका) – रीमा ठाकुर

ये ऐसी दो युवतियो की कहानी है ।जो  मिलन के साथ “शुरु और बिछोह के साथ “अन्त तक की प्रेम कहानी है, मूझे नही पता इस में  अच्छाई या बुराई क्या है !अपितु मेरा मानना ये आज की पीढी की ज्वलन्त समस्या हैं , मैने बस आपलोगो की  कसौटी पर खरी उतर जाए ,इस बात  … Read more

सलौनी  – पुष्पा जोशी

धनीराम और दीनदयाल दो पड़ोसी थे। धनीराम कपड़ों का व्यापारी था और दीन दयाल शासकीय विद्यालय में लाइब्रेरियन था।उसे पुस्तकें पढ़ने का और उससे तरह -तरह की जानकारी प्राप्त करने का बहुत शौक था, राजनीति, विश्व की भौगोलिक स्थिति, इतिहास सब के बारे में वह अच्छी-खासी जानकारी रखता था।सीधा-सरल व्यक्तित्व था उसका।शायद उसका यही गुण … Read more

 उसका खत – शालिनी दीक्षित

“तनु ओ तनु ! क्या आज दिन भर मोबाइल में ही लगी रहोगी चलो अब तैयार हो जाओ।” प्रिया थोड़ा गुस्से में बोली। आज तनु का जन्मदिन है तो दोनों खाना खाने रेस्टोरेंट जा रहे हैं। “हाँ मौसी ! अभी तैयार होती हूँ।” बोलकर तनु प्रिया के पास गई और उसके गले में बाहें डालकर … Read more

*कल,आज और कल* – *नम्रता सरन”सोना”*

“अरे यार, ये बाबूजी फिर लैट्रीन में गिर गए हैं, जाओ ,उठाओ उनको” चित्रा ने खिसियाते हुए कहा। “अरे यार, मुझसे नहीं होगा, वो लथपथ हो जाते हैं, मेरा जी घबराता है,मितली आने लगती है, भिकन को फोन लगाता हूं, अभी मोहल्ले की झाड़ू लगा रहा होगा ” विवेक ने नाक भौं सिकोड़ते हुए कहा। … Read more

error: Content is protected !!