शादी के बाद की पहली राखी – उषा गुप्ता

शादी के बाद की पहली राखी !!कितना बेकरार दिल !  मन तो बस रमा रहता है भाइयों को राखी बांधने के लिए। मैं भी बहुत बेकरार हूँ इस रक्षाबंधन के लिए।वैसे भी शादी के बाद शुरू -शुरू में पीहर और राखी का त्यौहार बहुत ही याद आता है।जैसे-तैसे अपने ससुराल में मैंने सब को मनाया … Read more

 बेटी होने की जिम्मेदारी – सुमन श्रीवास्तव

सुरु वो सुरु ” देखो बेटा, सुमित के कमरे की सफाई ठीक से कर देना । ऐसा न हो तेरे भईया भाभी को आने के बाद किसी किस्म की परेशानी हो और हां जिस समान की जरूरत हो बाजार से मंगवा ले। मुझे देखने के लिए कितना लम्बा सफर करके आ रहे हैं। “सुरुभि ” … Read more

प्रेम का एक रूप यह भी – वीणा

ये फगुनिया,कब आई ससुराल से –बालचन ने टहोका मारते हुए पूछा… फगुनिया कुछ नहीं बोली बस डबडबाई आँखों से बालचन की तरफ देखती रही। ये फगुनिया–ई तोहार आँख में आँसू…का हो गया, कऊनो बात हो गई का ससुराल में।इस बार सहानुभूति पाकर फगुनिया फूट पड़ी और बोली –साल भर में एक बार हम आते हैं … Read more

  राखी – उमा वर्मा

 अब के बरस भेज भैया को बाबुल, सावन में लीजो बुलाये—“” गुनगुना रही थी नन्दिनी ।दो दिन बाद राखी है ।इस बार खुद जाकर राखी बांधना चाहती है वह ।”” भैया को क्यो, खुद ही चली जाओ ना,मै कल ही टिकट का इन्तजाम करता हूँ “” अजय ने कहा ।आठ साल बाद नन्दिनी अपने पीहर … Read more

 डोर टूट गयी – रीटा मक्कड़

रक्षाबन्धन के त्योहार को 2 ही दिन बचे थे। अनिता कुछ गुमसुम सी , कुछ उदास और सोच में डूबी थी।कहने को तो वो घर के काम जल्दी जल्दी निपटा रही थी ।क्योंकि उसे उसके बाद बाजार जो जाना था अपने भाईयों के लिए राखियां लेने। अब तो भाभियों को भी लुम्बा राखी बांधने का … Read more

राखी का अनमोल तोहफ़ा,, ना कभी देखा होगा ना सुना होगा,, – सुषमा यादव

,, मेरे प्यारे भैया, कहां हो तुम ? जहां भी होंगे, अच्छे से ही होंगे,, राखी का त्यौहार आ रहा है, तुम्हारी बहुत याद आ रही है, और उस राखी पर तुमने मुझे ऐसा अनमोल उपहार दिया शायद ही किसी भाई ने आज़ तक अपनी बहन को दिया होगा ,, तुम्हें याद है,जब मैं तुम्हारे … Read more

 मांग व पूर्ति – पायल माहेश्वरी

” अर्थशास्त्र के सिद्धांत के अनुसार मांग व पूर्ति में सीधा संबंध होता हैं, और वस्तु की कीमतों का घटना व बढ़ना इन दोनों तथ्यों पर आधारित हैं” निशा अपने ही कमरे से आती हुई आवाज को सुनकर उसके पीछे-पीछे गयी। ” बबलू!!तुम यहाँ पर क्या कर रहें हो ? “निशा चौंक कर बोली। ” … Read more

अच्छा करो तो अच्छा होता है(राखी स्पेशल) – पिंकी नारंग

 इस बार कौन सा आउट्फ़िट लायी हो राखी के लिए जुगनु ने आना को अपने बाहों के घेरे में कैद करते हुए कहा। जुगनु की बात सुनते ही आना सिसकियाँ भरते हुए रोने लगी। जुगनु ने घबराते हुए आना से कहा”मेरी कोई बात बुरी लग गयी जान,प्लीज़ चुप हो जाओ,जानती हो ना तुम्हें रोता नही … Read more

“छोटू” – नीतिका गुप्ता

मैदान में बच्चों को फुटबॉल खेलते देखकर आज फिर उसके कदम वहीं पर ठिठक गए। रोज ही वह कुछ देर इन बच्चों को हंसते खेलते देखकर फिर आगे बढ़ जाता है। आज का दिन शायद अलग था तभी जब बाॅल उछलती हुई उसकी तरफ आई तो एक जोरदार किक मारकर बाॅल को बच्चों की तरह … Read more

धन्य है तू भारत की नारी- संगीता अग्रवाल

” क्या हुआ प्रीतो तू यहां अंधेरे मे क्या कर रही है ?” रंजीत अपनी पत्नी के पास आ बोला। ” कुछ नही वो मैं बस यूँही !” प्रीति जिसे रंजीत प्यार से प्रीतो बोलता था वो नज़रे चुराती हुई बोली। ” तू रो रही है प्रीतो एक सच्चे सिपाही की बीवी होकर ऐसे रोना … Read more

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