चाहत आँखों की – विजया डालमिया

…..”अर्थ ,मैंने कितनी बार कहा तुमसे, मेरा पीछा मत करो। मैं तुमसे प्यार नहीं करती”। जैसे ही आलिया ने यह बात कही अनु नींद से जाग गई। उसने देखा आलिया नींद में बार-बार यही बात कह रही थी ।अनु ने जैसे ही उसके सर पर हाथ रखा वह चौंक कर जाग उठी। पसीने से तरबतर … Read more

सांझ की बेला पंछी अकेला – सुषमा यादव

,, एक मूलमंत्र मैंने पा लिया है, नज़रिया बदलो तो नज़ारे बदल जायेंगे, चारों तरफ़ खुशनुमा माहौल नजर आयेंगे,, जहां हमारे भीतर कहीं खो जाने का डर है, वहां हम अपने साहस और उम्मीद को बनाये रखेंगे,,, बड़ी बेटी रीना जब छः साल की थी,तब से उसके पापा राम उसे बोर्डिंग स्कूल में डालने की … Read more

किस्मत का अनोखा खेल – डॉ. पारुल अग्रवाल

नन्ही सी फ्रॉक पहनकर घूमने वाली कृति,आज दुल्हन के लिबास में सजी धजी ऐसे लग रही थी कि जैसे कोई अप्सरा उतर आई हो। संध्या की तो जैसे जान बसती थी उसमें, विदाई के समय मां-बेटी का एक दूसरे से अलग होते हुए बुरा हाल था। पर कहते हैं ना कि ये विदाई ऐसी विदाई … Read more

मेरा नाम ही मेरी पहचान है – संगीता अग्रवाल

सुरीली हां यही नाम था उसका बिल्कुल उसके नाम के अनुरूप कितनी सुरीली आवाज थी उसकी जो कानों में रस घोलती थी। गांव में भले रहती थी सुरीली पर दसवीं जमात पढ़ी थी तो समझदार भी थी। “मेरी सुरीली अगर किसी मुर्दे के कान में भी बोल दे तो उसमे भी जान आ जाए!”बाबा अक्सर … Read more

आत्मसम्मान से समझौता नहीं करूंगी” – प्रियंका मुदगिल

पता नहीं, यह सपना था या कोई भ्रम….. अभी थोड़ी देर पहले ही रुचि की आंख लगी थी।उसे महसूस हुआ कि जैसे खिड़की से कोई झांक रहा है। वह हड़बड़ा कर उठ  खड़ी हुई और दरवाजा खोलकर बाहर देखने लगी। लेकिन उसे कोई भी दिखाई नहीं दिया। तभी उसके पति विवेक की आंख खुली। विवेक … Read more

शक्ति स्वरुपा देवी – पुष्पा जोशी

केशव एक धनाढ्य, संयुक्त परिवार का सबसे छोटा बेटा है। जिसकी शादी अभी तीन महीने पहले हुई है,पत्नी पढ़ी लिखी संस्कारी लड़की है। मोहिनी को बड़ों का सम्मान करना, रिश्तों को मान देना,काम जिम्मेदारी से करना,सभी से प्रेम करना आता है।सही ग़लत का अर्थ समझती है,गलत बात उसके बर्दाश्त के बाहर है, वह प्रगतिशील विचारों … Read more

शादी में आत्मसम्मान से समझौता कभी नहीं– राशि रस्तोगी 

“बहू, ये मेरा पर्स ले लो.. तुम्हारे बैगनी रंग की ड्रेस से मैच हो रहा है”शादी के बाद रिसेप्शन के लिये जाती हूँ पूजा को उसकी सासू माँ मुक्ता जी ने कहा| पूजा बड़ी ख़ुश हुई कि,” वो कितनी खुशनसीब है जोकि इतना ध्यान रखने वाली सासू माँ मिली है”| आइये पढ़ते है पूजा की … Read more

ननद रानी हाय हाय – मीनाक्षी सिंह

अनुज  दौड़ता हुआ आया ,,,मम्मी देखो बुआ जी को क्या हो गया हैं ,,विराट को कितना मार रही हैं !  सीमा आटे सने हाथों से ही दौड़ती हुई आंगन में आयी !  दीदी ,,.क्या हो गया ,,आप इतनी गुस्से में क्यूँ हैं ,,अनुज कह रहा था कि बुआ जी गुस्सा हो गयी और विराट को … Read more

“गम उठाने के लिए मैं तो जिए जाता हूं” – सुधा जैन

  मैं एक हंसता खिलखिलाता जिंदादिल पुरुष था। मेरे पास एक प्यारा सा दिल और ढेर सारे अरमान थे। बचपन में मेरी परवरिश सौतेली मां के हाथों हुई, मैं बड़ा तो हो गया पर दिल के किसी एक कोने में मां के प्यार की कमी रह गई। मन कभी-कभी बेचैन हो जाता था कि सभी … Read more

डोर विश्वास का – अमिता कुचया

रिदिमा और मोहित एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे। दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की थी। पहले जब रिदिमा की शादी नहीं हुई थी,  तब वह बहुत खुल कर बात करती थी।वह सबसे ही हंस कर खुद कर बोलती ।वह खुले विचारों वाली बिंदास लड़की थी। उसे लगता कि जिंदगी में खूब पैसा … Read more

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