दिल का रिश्ता – बेला पुनीवाला

    बात उन दिनों की है, जब निधि १८ साल की उम्र की हुआ करती थी, निधि के घर के सामने वाले घर में अभी कुछ दिन पहले ही दो लड़के भाड़े पे रहने आए थे। दोनों दिखने में हैंडसम और खानदानी घर के लगते थे, दोनों  मुंबई इंजिनयरिंग की पढाई के लिए आए थे । … Read more

बड़ी इलायची छोटी इलायची – नीरजा कृष्णा

“सुनिए, एक बात बताइए! मैं कब तक बड़ी भाभी की धौंस सहती रहूँ….बात बात में मुझे मेरे छोटे पद और छोटी हैसियत का ध्यान दिलाती रहती हैं…. मुझसे अब नही सहा जाता।” सुजाता प्रश्नवाचक दृष्टि से मनीष को घूरती रही….वो चिढ़ कर बोला,”ये क्या आँख फाड़े घूर रही हो? तुम लोगो का तो झगड़ा ही … Read more

उलझन –  एक पहलू ये भी

ढोलक की थाप पड़ते ही नई नवेली बहू शिल्पी के पैरों में थिरकन शुरू हो गई…. “मुझे आई ना जग से लाज कि इतनी जोर से नाची आज कि घुँघुरु टूट गए!” शिल्पी ने थोड़ी बहुत मान-मनुहार के बाद जो नाचना शुरू किया तो ऐसा लगने लगा मानो स्वयं स्वर्ग से अप्सरा उतर आई हो.. … Read more

पहला प्यार – भगवती सक्सेना गौड़

दिल्ली की जबरदस्त ठंड में भावना दोपहर को भी रजाई में घुसी थी, उम्र भी दस्तक देकर समझा रही थी, चौकस रहो, कई बीमारियों के सर्टिफिकेट धारण कर चुकी हो। तभी टेबल पर रखा मोबाइल घनघना उठा, अब मजबूरी थी, हाथ बाहर निकाला जाए। “हेलो, कौन बोल रहा है ? “ “पहचानो” “अरे वाह, प्रेम … Read more

उनसाठ बरस का कुंवारा वसंत… विनीता राहुरीकर

टैक्सी से उतरकर मीरा ने सामान के थैले बाहर निकाले और उसे किराया दिया। जब उसने गेट की तरफ देखा तो गार्ड नदारद था। ना जाने कहां चला गया। दो मिनट मीरा ने राह देखी फिर थैले उठाकर बिल्डिंग की तरफ चल दी। आज परिसर में भी कोई नहीं था। लिफ्ट तक पहुंची तो देखा … Read more

 ये दोस्ती हम नहीं भूलेंगे – सुषमा यादव

,,ये दोस्ती हम नहीं भूलेंगे, भूलेंगे सब मगर ,तेरा प्यार तेरा अहसान ना भूलेंगे,,,,, ,, मैं  नागपुर में नानाजी के पास से  कक्षा सातवीं तक पढ़ कर इस नए शहर में अपने परिवार के पास पढ़ने आई,, इस नये स्कूल में मुझे अच्छा नहीं लगता था, मैं बहुत सीधी सादी, और महाराष्ट्रीयन शिक्षा, बोली के … Read more

सर्वोच्च बलिदान… साधना मिश्रा समिश्रा

अरुण सिर्फ़ एक साल बड़ा था वरुण से। छः साल का वरूण और सात साल का अरुण। दोनों भाई आधे घंटे से अपने टैम्पो का इंतजार कर रहे थे जो उन दोनों को रोज प्राथमिक विद्यालय लाती और ले जाती थी लेकिन आज अभी तक आई ही नहीं थी। घर पांच किलोमीटर की दूरी था। … Read more

एक सुबह ऐसी भी – विजया डालमिया  

तेज बारिश की आवाज से मेरी आँख खुल गई। देखा तो 5:00 बज रहे थे। बालकनी में अंधेरा था। सोचा चलो उठ ही जाते हैं। बरसते पानी में जब सब सो रहे हो अकेले यादों में भीगने का मजा ही कुछ और है। बस यही सोच कर उठी और लाइट की तरफ हाथ बढ़ाया तभी … Read more

पाबंदी –  जौहरी

बचपन के दिन कितने अच्छे थे जब भी सोचती हूँ एक अलग ही दुनिया में गोते लगाने लगती हूँ।आम के बगीचे में परिवार के बच्चों के साथ मस्ती करते दिन कब बीत जाते थे पता ही नहीं चलता था। मैं घर में सबसे छोटी और सबकी लाडली थी।खेलते कूदते बचपन से गुजरते स्कूल का सफर … Read more

 पूविका – दिनेश पारीक

तुम मना पाओगें उसे, मुझे नहीं लगता वो मानेंगी? क्यों नहीं मानेंगी ,  तुम ही कहती हो वो वो मुझ पर गयी हैं सुनती भी नहीं हैं ।।  हाँ सही कहती हूँ मैं वो तुम पर गयी हैं पर इस बार मैं  तुम्हारी ओर तुम्हारी बेटी की नही सुनने वाली नही सुनेंगी तो  थपड़ जड़ … Read more

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