करवा चौथ –   संजय कुमार जैन पथिक

चार दिन की बारिश के बाद आज धूप खिली है।अक्टूबर के महीना, हल्की हल्की ठंड के बीच हल्की हल्की धूप कलेजे को ठंडक पहुचा रही थी। भाभी,चलो न मार्किट तक, वो टेलर के पास कपड़े पड़े हैं,लेकर आते हैं।मीना बोली तो सीमा का मन भी इस खुशगवार मौसम में घर से बाहर निकलने के लिए … Read more

 प्यारा सा करवाचौथ – गीता वाधवानी

विवाह के 5 वर्ष उपरांत भी नीलू और मोहित का आंगन शिशु की किलकारी के लिए तरस रहा था। मोहित बहुत ही समझदार और प्यारा इंसान था। आज नीलू ने करवा चौथ का व्रत रखा था और मन ही मन ईश्वर से पति की लंबी आयु की कामना करते हुए, संतान की कामना भी कर … Read more

 आस्था – मधु मिश्रा

“अनन्या बेटा, ग्यारह बजने को आये केतकी ने अभी तक  नाश्ता नहीं किया है,आज हम लोगों का न करवा चौथ का व्रत है… तो इस बेचारी को क्यों भूखा रखी हो … चलो तो थोड़ी देर के लिए तुम भी आराम कर लो और इसे भी कुछ खाने पीने को दो….. I”  ये कहते हुए … Read more

 ईमान – विनय कुमार मिश्रा

शॉप के कैश काउंटर पर ड्यूटी बदलने का वक़्त था। मैं पैसे मिला रहा था “क्या हुआ अंकित? परेशान क्यूँ है” “देख ना यार कुछ समझ नहीं आ रहा, आज से पहले तो कभी ऐसा नहीं हुआ। लगभग पन्द्रह सौ रुपये कम हो रहे हैं” “ऐसे कैसे? ठीक से चेक कर! ये तो हम जैसों … Read more

आप तो हमारी दोस्ती के लायक भी नहीं  – संगीता अग्रवाल 

” देख के चढ़िए मैडम गिरने का इरादा है क्या !!” बस में चढ़ती एक लड़की गिरने को हुई तो उसका हाथ पकड़ते हुए सिद्धांत बोला। ” वो माफ कीजिएगा मेरी हील स्लिप हो गई थी और शुक्रिया मुझे संभालने के लिए !” उस लड़की ने बस में चढ़कर सिद्धांत से कहा। ” कोई बात … Read more

झूठी कहीं की –  मधु वशिष्ठ

 रीना ने अपनी लाई हुई मनपसंद साड़ी जब अपनी ननद गरिमा को दे दी तो सासू मां ने हैरान होकर पूछा यही साड़ी तो तुम   रजत के विवाह में पहनने वाली थी। नहीं मम्मी, मैंने दो महंगी साड़ियां ली थी ना उनमें से एक मैंने  दीदी के ही लिए ली थी। रिसेप्शन के लिए … Read more

*करवाचौथ का सबसे बड़ा उपहार* – मानसी मित्तल

तूलिका आज बहुत खुश नजर आ रही थी और आती भी क्यों  नहीं, उसकी ससुराल में पहली करवाचौथ जो थी। आज तूलिका के भैया भाभी करवाचौथ लेकर आ रहे थे तो तूलिका की सास और वह सारे काम जल्दी जल्दी निबटाने में लगी हुईं थीं। तूलिका की सास बोली जा बेटा (बहु)अब जल्दी से तैयार … Read more

च्यवनप्राश – कमलेश राणा

बात यह है जी कि टीवी में हर प्रोग्राम के बीच बीच में जो विज्ञापन आते हैं न वो हमें बड़ा प्रभावित करते हैं,, चीजों की गुणवत्ता के बारे में ऐसे कसीदे पढ़ते हैं न,,,कि लेने मन न हो तो भी आदमी ले ही ले और न भी ले तो सोचने तो जरूर ही लग … Read more

“चांद के पार चलो” करवाचौथ (स्पेशल कहानी)  – रीमा महेंद्र ठाकुर

दीपक की लौ”अचानक तेज हो गयी “ काव्या की आंखे भर आयी ”  वो सोघने लगी क्या इसबार मेरा चांद मुझे फिर नहीं नजर आऐगा ”  पिछली बार की तरह “ चार बरस हो गये,  काव्या की आंखों से झर झर आंसू गिरने लगे “ वो उठकर खडी हो गयी!  मंदिर से अटैच अपने रूम … Read more

” मेरी ‘मम्मी जी’ मेरी मां हैं ” – सीमा वर्मा

सुधा जी ‘ जया’ और अपने बेटे ‘ गौरव’ के अन्तर्जातीए प्रेम विवाह के सख्त खिलाफ थीं।  कहां उनके गोरे-चिट्टे- लम्बे और छरहरे कद का पंजाबी मुंडा ‘गौरव’ और दूसरी तरफ तीखे नयन-नक्श वाली सांवली -सलोनी ,दुबली- पतली सी बंगालन जया। उनके अनुसार इन दोनों का कहीं से कोई मेल ही नहीं है।   लेकिन … Read more

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