हैसियत तो आपकी नहीं थी बहू लाने की। – सविता गोयल
” हूंह… एक भी सामान ढंग का नहीं दे रखा जो हमारे घर में रखा जा सके। कपड़े लत्ते भी ऐसे दिये हैं कि सारे रिश्तेदारों के सामने हमारी नाक कट गई। हमने तो सोचा था सरकारी मास्टर की इकलौती बेटी है तो कम से कम ब्याह तो ठीक से करेंगे … लेकिन यहां तो … Read more