“क्यों हम छोटे शहर वालों को सपने देखने का हक नहीं है क्या?” – ज्योति आहूजा|
यह कहानी है छोटे से शहर की रहने वाली एक ऐसी लड़की संध्या की जिसके सपने ऊंचे आसमान में उड़ने के थे| बहुत ऊंचा उड़ना चाहती थी वह| दबंग इतनी कि पूछो मत, जो मन में वही जुबान पर था उसके| परिवार में पिता आलोक, मां जानकी, एक बड़ी बहन सुरभि और दादी सुमित्रा देवी … Read more