जीवनसाथी – सविता गोयल
आज फिर मनोहर जी पार्क का चक्कर लगाकर वापस आ गए, लेकिन सुधाकर आज भी घूमने नहीं आया था। मन में बहुत से विचार उठने लगे, “पता नहीं तबीयत ठीक है या नहीं??” घर आकर भी उन्हें बेचैनी हो रही थी। उनकी पत्नी सरोज जी चाय लेकर आई तो उन्हें चिंता में देखकर पूछ बैठी … Read more