काश! – कंचन श्रीवास्तव
ठंडी पड़ी पत्नी को कोसता हुआ रमेश करवट बदल सो गया।पर क्यों आखिर क्यों कोस रहा है उसको क्यों नहीं कारण खोजने की कोशिश कर रहा ,आखिर पहले तो ऐसी नहीं थी। गर ऐसी होती तो शादी के बाद से ही उसका दीवाना बना न फिरता। ये वही रमेश है जिसने दिन को दिन नही … Read more