स्त्री की मर्यादा ही उसका गहना है – सुल्ताना खातून
पहली बार उसे जब देखा था, दुपट्टा नमाज़ के स्टाईल में लपेटे, वह अपने दोनों नन्हें हाथों में किताब को सीने से लगाए मदरसा जाने के लिए घर से निकली थी… उसे पहली बार देखने वाला सीन एक तस्वीर की तरह छपी है, मेरी आँखों में… क्यूंकि तब मैं भी छोटा सा ही था… उसकी … Read more