आखिरी विदाई – रश्मि प्रकाश

“अरे बेटा ध्यान से अपनी माँ को तैयार करो…. बिल्कुल सोलह श्रृंगार करना उसका… और हाँ उसकी शादी वाली चुनरी भी ज़रूर ओढ़ा देना।”अपनी बहुओं को हिदायत देते किशोर बाबू अपनी धर्मपत्नी को निहार रहे थे। सुनंदा जी की आँखें ज़रूर बंद थीं पर चेहरे पर मुस्कुराहट विराजमान थी ….दोनों बहुएँ जया और हिना और … Read more

तुम्हारी जबान बहुत ज्यादा चलने लगी है! – किरण विश्वकर्मा 

दीदी ये कपड़े अल्टर के लिए आए थे क्या इनमें सिलाई लगा दूं …. बुटीक चलाने वाली प्रतिभा से उसके यहां काम करने वाली आराधना ने पूछा….आराधना प्रतिभा के बुटीक में सिलाई का काम करती थी। नहीं बच्चे घर पर अकेले हैं कल आकर बाकी का करेंगे अब तू भी घर जा…. यह सुनते ही … Read more

शादी बचाने के नाम पर कब तक जुल्म सहेंगी?? – संगीता अग्रवाल 

स्वाति के कानों में अभी भी अपने पति करण के कहे शब्द गूंज रहे थे ..” तुम हो कौन क्या वजूद है तुम्हारा तुम जो खाना खाती हो या जो महंगे महंगे कपड़े पहनती हो ये सब मेरी बदौलत है वरना तुम्हारे बूढ़े मां बाप की सामर्थ तुम्हे पटरी से सौ रुपए के कपड़े लेकर … Read more

स्त्री होना इतना सरल कहाँ है – सोनिया निशांत कुशवाहा

स्त्री होना इतना सरल कहाँ है। उस पर भी वह स्त्री जो अपनी पलकों में आसमान को छू लेने का स्वप्न बसाए हो उसके लिए जीवन दुरुह हो जाता है। समाज हो या परिवार सभी ने सदा से ही नारी के लिए दायरे तय किए हुए हैं। एक महिला से अपेक्षा यही होती है कि … Read more

ऐ जिन्दगी गले लगा ले… – सरोज प्रजापति

4 पैकेट लहसुन वाली नमकीन 4 पैकेट कच्चे केले की चिप्स। मेरे दो पैकेट बूंदी। मेरे चार पैकेट मूंगफली पट्टी!! मेरे…… सामने बैठी वह अधेड़ महिला जल्दी-जल्दी सबके ऑर्डर का सामान गिन गिन कर पैकेट में डाल रही थी। थोड़ी देर बाद ही उसका बैग लगभग खाली हो गया। उसने एक बार मेरी तरफ तो … Read more

पुरस्कार – सुधा शर्मा

  माँ ने आवाज़ दी ,’ जल्दी कर अनु , तेरे जाने का समय हो रहा है । जल्दी नाश्ता कर ले।’ यह लडकी भी न अपने अलावा सबकी चिन्ता है ।जाने कहाँ कहाँ से पकड़ लाती है दीन दुखियारे ।जाने कितना सेवा भाव भरा है इसके मन में ।  ‘ माँ कहती रह गई और … Read more

मैं कितना और क्यों सहूं ? – सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

हिमांशी कुछ समझ नहीं पा रही है, उसके दिल में हजारों सवाल है वह जितना ही इन सवालों के घेरे से निकलने की कोशिश करती है। उतनी ही उलझती जाती है ‘ प्रातःकाल में वह सुकून की तलाश में टहलती हुई रोज ही पार्क में आ जाती है। उसकी यह आदत पिछले कई सालों से … Read more

मर्यादा प्यार करने से नहीं धोखा देने से टूटती है! – मीनू झा 

जिज्जी,अगले महीने की अठारह को पड़ी है निम्मो की शादी,सबसे पहले तुम्हें ही फोन कर रही हूंँ,आठ दिन पहले आना,सारे रीति-रिवाज तुम्हीं तो बताओगी ना,और कोई बहाना ना बनाना,बता देती हूंँ…हांँ “-फोन पर अल्पना अपनी बड़ी बहन निर्मला से कह रही थी। “अरे क्यों ना आऊंँगी,इतनी बड़ी खुशी की बात है,वैसे कहांँ कर रही हो, … Read more

#मर्यादा -आज और कल – गुरविंदर टूटेजा

 रूही गुस्सें में मुँह फूलायें बैठी थी…!!    पापा(राजीव) ने घर में घुसते ही बोला…क्या हो गया हमारी गुड़िया को गुस्सें में क्यूँ  है..??    बिना कुछ जवाब दिये रूही अपने कमरे में चली गयी..!!    राजीव ने रीमा से पूछा तो वो बोली कि उसकों दोस्तों के साथ जाना था रातभर वही रहना है पार्टी करनी है … Read more

फैसला – सुधा शर्मा

चौपाल पर मजमा लगा हुआ था ।    सब लोग मिलकर नन्दा को भला बुरा कह रहे थे। कोई एहसान फरामोश कह रहा , कोई कृतघ्न , कोई लालची ।       एक स्वर मे सब उसको गाँव से निकालने या पुलिस के हवाले करने की सिफारिश कर रहे थे । आखिर उसने अपराध ही ऐसा किया था … Read more

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