“पाले पोसे मैने -राज करेंगी ये” – कुमुद मोहन
दरवाज़े पर घंटी बजने के साथ ही रीमा की सास जोर से चिल्लाई , बहू जी!कान में तेल डाले बैठी हो, घंटी ना सुनी क्या?आटे से सने हाथ जल्दी से धोकर दरवाज़ा खोला तो देखा माता जी की दूर के रिश्ते की बहन खड़ी थी, पैर छूकर उनका घटिया सा थैला उठा कर रीमा ने … Read more