दहलीज पार करा दो- भाग-2 – रीमा ठाकुर
अन्नू दरवाजे तक पहुंची ही थी की आभा की धीमी सी आवाज सुनायीं दी” संजय प्लीज गोलियों का असर है, नींद आ रही है सोने दो! ये रोज रोज के नखरे मेरी समझ से बाहर है, दुनिया में और भी औरते है तुम कोई अकेली नही हो, संजय ने शायद आभा को झिडक दिया था! … Read more