स्कूल और वो चवनप्राश का डिब्बा,,,,,,, – मंजू तिवारी
बात आज से लगभग 35साल पहले की है। जब प्रेरणा अपने गांव से शहर के प्राइवेट स्कूल में पढ़ने जाती थी प्रेरणा का जन्म अपने माता-पिता के विवाह के 6-7साल बाद बड़ी मन्नत उसे हुआ था वह संयुक्त परिवार में सब की बहुत लाडली बच्ची थी पापा दादा के सहयोग से व्यापार तथा नौकरी किया … Read more