पराए का साथ अपनों से कही बेहतर – रश्मि प्रकाश
घर में घुसते ही निकुंज की नजर अपनी बेटी को खोज रही थी…. दो महीने का बेटा पालने में लेटा हुआ था और राशि रसोई में जल्दीजल्दी हाथ चला रही थी ताकि रात का खाना बना कर बेटी को खिला सके। “ राशि दीया कहाँ है … जब घर आया दरवाज़ा भी लॉक नहीं था … Read more