“भाई-भाभी और भरोसा” – कुमुद मोहन
“हलो! जीजी हो सके तो इस संडे आ जाना” रीमा के भाई विनय ने सुबह सुबह फोन पर कहा! रीमा–पर तेरे जीजा जी तो टूर पर गए हैं फिर कभी रख लें?” विनय—नहीं! संडे ही आ जाओ सीमा जीजी भी आ रही हैं! सीमा एक साल पहले विधवा हो गई थी अपने बेटे के साथ … Read more