“भरोसे का खून” – कविता भड़ाना

लक्ष्मी सूनी -सूनी आंखों से एकटक अपने घरौंदे को बिखरते हुए देखे जा रही थी, जिस इंसान के लिए उसने अपनी सगी बहन के भरोसे को कुचल के रख दिया था, वही उसे दूध में से मक्खी की तरह निकाल फेंकेगा ये तो कभी सोचा भी नहीं था, पर जिस रिश्ते का आधार ही स्वार्थ … Read more

भरोसा – अर्चना झा

आज पार्क में खेलते वक्त शिवम को गहरी चोट लग गई, घुटने से खून आता देख वो डर गया और भागते हुए आभा दीदी के पास गया,आभा जो उसकी केयर टेकर थी पर मोबाइल पर किसी से बात करने में इतनी तल्लीन थी कि शिवम की रोने की आवाज उसके कानों तक पहुंची ही नहीं,शिवम … Read more

पारिवारिक अदालत – विनोद प्रसाद

मेरी सिगरेट की डिब्बी कहां है? कोई भी चीज ढूंढो तो मिलती नहीं है।” निखिल ने झंझलाते हुए पूनम से कहा। “सिगरेट तो मैं पीती नहीं। आपने ही कहीं रखी होगी”- पूनम ने शांत लहजे में जवाब दिया। “जुबान लड़ाना तो तुम खूब जानती हो” और छोटी सी बात ने आज फिर उग्र रूप धारण … Read more

फुलटाइम मेड – रिंकी श्रीवास्तव

सौरभ  उठो  ना ,देखो तो  मम्मी जी कहाँ रह गयी हैं , नौ बजने वाले हैं ,अभी तक नहीं आयीं वैसे तो रोज आठ बजे तक आ जाती थीं पर इधर दो तीन दिन से रोज आधा घंटा देर से आती हैं पर आज तो एक घंटा हो गया अभी तक नही आयीं | नेहा … Read more

ऐसे ही किसी पर भरोसा मत करों – गुरविंदर टुटेजा

    निधी सुबह जल्दी-जल्दी घर का काम कर रही थी तभी मोबाइल बजा तो उसने उठाया तो…सामने से बोला कि हम इस कम्पनी से बोल रहें हैं…आपका नाम क्या है व कहाँ से है..?? निधी ने नाम बताया व जयपुर से हूँ…!! उधर से आवाज आई कि आपका पाँच लाख का ईनाम निकला है.तो उसके लिए … Read more

धोखा: दोषी कौन? – संगीता अग्रवाल 

” अमन आज आप “द कैफे गये थे आपने बताया नही और वो लड़की कौन थी आपके साथ !” ऑफिस से घर लौटे पति से सपना बोली। ” तुम …तुम्हे कैसे पता मैं कैफे गया था ?” अमन ने चौंकते हुए सवाल किया । ” वो असल मे मैं आज मीठी ( सपना और अमन … Read more

आत्मसम्मान को जिंदा रखना है – नीतिका गुप्ता

 टाई खो दीं तुमने मेरी , मैंने परसों रात को सोफे पर रखी थी लेकिन तुम से कुछ नहीं होता टाई उठाकर नहीं रखी जाती है जगह पर ,एक काम ठीक से नहीं होता तुमसे,  घर के काम भी नहीं संभाले जाते चीजें भी ठीक से नहीं रखी जाती बस सारा दिन पड़े पड़े सोते … Read more

मुझे अंकल के साथ नही जाना – ममता गुप्ता

अरे !! परी कभी अपने बढ़ते हुए वजन को भी ध्यान से देख लिया कर ।। एकदम कद्दू की तरह फूलती जा रही है , तेरी वजह से मेरी सारी सहेलियां ताने देती है , नाम तो ” परी ” रख दिया लेकिन यह परी उड़ तो नही पाती होगी ।। स्मिता ने गुस्सा करते … Read more

हाँ…एक नया आगाज़ मैंने भी किया – संगीता त्रिपाठी

मठरी बनाने के लिये जैसे ही मैदे में पानी डाला घंटी की टुनटुन बजी कौन होगा सोचते मैंने आटा सने हाथों से दरवाजा खोला देखा पड़ोसी वर्मा जी और उनकी श्रीमती खड़ी थी। मैं अपने आटा सने हाथों को देख शर्मिंदा हो गई। एक मिनट भाभी मैं आई। अरे कोई बात नहीं हम जल्दी में … Read more

जरूर कोई-ना-कोई बात है..?? – पूनम गुप्ता

रिश्तों में छोटी-छोटी बात कब कभी-कभी बड़ा रूप ले लेगा कुछ समझ नही आता,कई बार ऐसा देखा गया है..अच्छा-खासा रिश्ता एक पल में टूट कर बिखरने लगते है..जो हम कभी नहीं सोचते वह हो जाता है,, जिसका कारण कुछ नहीं” बस कुछ छोटी- मोटी बात होती,, जो बड़ा बनकर रिश्ते को बिगाड़ने की कगार पर … Read more

error: Content is protected !!