तुम्हीं  मेरी बेटी तुम्हीं  बहन हो – पूनम अरोड़ा

शीनू शादी के बाद जब भी पिता से कहती कि “इस बार भाई दूज पर शायद न आ पाऊँ ” तो पिता की उल्लसित आवाज एकदम बुझ जाती, क्षीण हो जाती लेकिन फिर भी वो बार मनुहार करके इमोशनल ब्लैक मेल करते कि “तुम्हारे  भाईयों  को निराशा होगी उनका मस्तक सूना रह जाएगा  ,त्यौहार की … Read more

सर्वगुण संपन्न – रचना कंडवाल

कितनी बार कहा है ज्यादा मत बोला कर।ऐसे दांत निकालने का क्या मतलब है? ससुराल जाएगी तो बस हम सबकी नाक कटवा कर ही मानेगी ये लड़की।ये प्रवचन थे हमारी माता जी के हमारे लिए। हां हां ठीक है। नहीं ‌हंसते तुम कहो तो चौबीस घंटे रोते रहें ऐ लड़की! हम तो चुप रहते हैं। … Read more

स्वार्थी बेटा – माता प्रसाद दुबे Moral Stories in Hindi

दो दिन गांव में बिताने के बाद रवि वापस घर आ रहा था। उसे अपनी अम्मा की चिंता हो रही थी। जिसे वह ईश्वर की तरह पूजता था। जो दमा की बीमारी से पीड़ित थी। उसके बड़े भाई किशन भाभी सीमा व पांच साल का भतीजा अंकित उसकी अम्मा पुष्पा देवी के पास घर पर … Read more

मेरे लिए तो आप हो ना जी !! -मीनू झा

  आप चिंता मत करो पापा सब हो जाएगा मैं कहीं भी थोड़ी सी भी कमी नहीं आने दूंगा ना किसी कर्म कांड में ना ही दान में और ना ही ब्राह्मण भोजन में आप निश्चिंत रहो एकदम से–बेटे सुधीर ने पिता रमेश जी को कहा। मैं क्या कह रहा था सुधीर…मेरे खाते में भी … Read more

ये सब बातें कहने सुनने में अच्छी लगती हैं…… – भाविनी

पोती के जन्म पर इतनी बड़ी दावत कर रही हो पागल हो गई है क्या? सुमन जी ने अपनी सहेली विमला जी से कहा।  ‘हॉ, तो इस में क्या हुआ और लड़की तो लक्ष्मी का अवतार है” विमला जी हंसते हुए कहा।  “ये सब बातें कहने सुनने में अच्छी लगती है पर असलियत में तो … Read more

स्वार्थ पर टिके रिश्तों का टूट जाना ही बेहतर है!!  –  मनीषा भरतीया

दीदी इस बार राखी पर आपके लिए क्या बनाऊं ….चाऊमीन और छोला भटूरा बना दूं क्योंकि आपको यह मेरे हाथ का सबसे ज्यादा पसंद है ना???  निशा ने अपनी ननंद सरिता से फोन पर कहा, तब सरिता ने कहा निशा अभी तो 10 दिन पड़े हैं पता नहीं कल क्या हो ना हो इतने दिन … Read more

 “स्वार्थी कौन” – डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव

 ऊजे कांच ही बांस के बहँगिया …बहँगी लचकत जाये  ऊजे भरिया जे होइहें …… छठी मईया के इस अधूरे गीत ने सुमन जी के हृदय में हाहाकार उठा दिया था। वह एक हाथ अपने कलेजे पर रखी हुई थी और दूसरे हाथ से अपने वियोग के निकले आंसुओं को पोंछ रहीं थीं। पिछले साल पति … Read more

कैसा ये इश्क है – कमलेश राणा

बात पिछले साल की है। नवम्बर का महीना था। गुलाबी ठंड दस्तक दे रही थी, मौसम बड़ा ही सुहाना था।  पड़ोस में रहने वाले मिश्रा जी के बेटे की शादी की रौनक मौसम के साथ साथ दिलों में भी सुहानी खुशियों का संचार कर रही थी।  वो कहने को हमारे पड़ोसी थे, हमारे बीच रक्त … Read more

पत्थर दिल – प्रियंका त्रिपाठी ‘पांडेय’

सुकन्या की नन्द की शादी को दो साल हो गए थे लेकिन उनको कोई बच्चा नही था। बच्चे के लिए वे काफी परेशान रहती थी तो सुकन्या ने उनको एक बहुत ही प्रसिद्ध काबिल डाक्टर के बारे मे बताया और कहा, आप इनको दिखाइए मै गारंटी देती हूं आपको एक साल के अन्दर ही बच्चे … Read more

कांच की दीवार – डा. मधु आंधीवाल

आज माधवी और अमर में फिर वाद विवाद होगया । इतनी उम्र साथ साथ व्यतीत होने के बाद भी कभी कभी तकरार भयंकर रुप ले लेती है। ऐसा नहीं कि दोनों में प्यार नहीं । एक के बिना दूसरा नहीं रह सकता ।  दोनों बेटियों की शादियाँ होगयी । बेटे की भी शादी हो गयी … Read more

error: Content is protected !!