उम्मीद – विनय कुमार मिश्रा

इस हॉस्पिटल में नर्स की नौकरी करते मुझे दो महीने हुए हैं।मैं रोज की तरह ठीक नौ बजे की शिफ्ट में हॉस्पिटल पहुँच चुकी थी। रिसेप्शन की तरफ बढ़ ही रही थी कि एक बुजुर्ग दंपति को देख थोड़ा रुक गई।शायद वो झगड़ा कर रहे थे। पर किस बात पर ये जानने के लिए मैं … Read more

अंगूठा – कमलेश राणा

तनु और मनु दोनों बहनें हैं। दोनों हमेशा साथ – साथ मेरे पास पढ़ने आतीं। दोनों में दो साल का अंतर है तनु 10th में और मनु 8th में है।    आज दोनों अलग- अलग आईं, फूले हुए मुँह बात रहे थे कि भयंकर वाला झगड़ा हुआ है आज तो। तनु बहुत ही ज्वलंत निगाहों … Read more

अगर किसी से प्यार पाना है तो पहले उसे प्यार देना भी होगा – अनु अग्रवाल

“अब शादी तो करनी है और सामने से रिश्ता आया है तो बात चलाने में क्या हर्ज है। घर खानदान तो अच्छा है।”- “करुणा जी अपने पोते की शादी के लिए बेटे मनीष से बोली”। खुशी- भैया की शादी?  अभी नहीं…………. करुणा जी- पागल हो गयी क्या? शादी नहीं होगी क्या उसकी? खुशी- “देखो दादी………..  … Read more

“तुम्हें क्या हुआ है स्मिता ? ” – सीमा वर्मा

भोर की सुनहरी रुपहली किरणें सदैव ही ‘रमा जी’ एवं  उनकी प्रिय, खुशदिल बहू के लिए नित नए संदेश लेकर आती है। ‘सुधीर’ रमा का आज्ञाकारी बेटा है। सुधीर के पापा की अचानक कार दुर्घटना में हुई मृत्यु ने उन दोनों मां बेटे को झकझोड़ कर रख दिया था उस समय सुधीर की आयु मात्र … Read more

 जरूरी – विनय कुमार मिश्रा

“उफ! ये क्या कर दिया आपने? पूरी फाइल डिलीट हो गई!अब कैसे मैं ये सब..” छोटा भाई गुस्से में अपना लैपटॉप दूसरे कमरे में ले गया। पिछले दो महीने से इसके साथ रह रहा हूँ। पुराना काम छूटने के बाद नए काम की तलाश में। इसी ने अपने पास बुला लिया था।आज पहली दफा उसे … Read more

बीस लाख की गाड़ी – माता प्रसाद दुबे

सुबह के नौ बज रहे थे। रवि आफिस जाने के लिए तैयार हो रहा था। “अरे रवि बेटा कल रविवार है..कल तुम्हारी मौसी आ रही है.. उनके साथ कुछ मेहमान भी आ रहे है.. आफिस से लौटते समय तुम ये सामान लेते आना भूलना नही”रवि की मां विद्यावती रवि को निर्देश देते हुए बोली।”ठीक है … Read more

ज़िद – आभा अदीब राज़दान

“ उदास हो, रक्षा बंधन जो आने वाला है । यही तुम्हारी उदासी का कारण भी है लेकिन तुम अपनी ज़िद कभी न छोड़ना । “ राघव बोले । नीति चुप ही रही । “ छोटी सी बात पर तुमने भैया भाभी से संबंध तोड़ लिया । बड़े भाई हैं कुछ कह भी दिया था … Read more

चुटकी भर सिंदूर – डा उर्मिला सिन्हा

     आम के पत्तों का बंदनवार, झालरें, रंग बिरंगी रोशनी… शादी का मण्डप, सादगी और सुरूचिपूर्ण। कोई ताम-झाम नहीं। बिल्कुल परम्परागत और उच्च कोटि की व्यवस्था।       गर्मी का दिन। शादी विवाह का मौसम।बराती,सराती दोनों पक्षों के निमंत्रित अतिथि विवाह मण्डप के दोनों ओर कुर्सियों पर विराजमान हैं। खूबसूरत,लकदक परिधानों, सुरूचिपूर्ण रूप सज्जा देखते ही बन … Read more

दबंग – पिंकी नारंग 

मैडम इस स्टाइल का एक ही सूट है दुकान पर और ये वो सामने वाली मैडम खरीद चुकी है |दुकानदार मेरी तरफ इशारा करके किसी को बोल रहा था | मै मन ही मन अपनी पसंद पर इतरा रही थी |ठीक है भइया अगर दुबारा स्टाक मे ऐसा सूट अाए तो मेरे लिए रख देना, … Read more

*जहाँ चाह, वहाँ राह* – सरला मेहता

” माँ ! तुम क्यों चली गई, हम सबको छोड़कर। दादी भी थक जाती है, दादू की सेवा टहल करते। पापा हम सबके ख़ातिर नई  बिंदु माँ ले आए हैं। पर उन्हें अपनी बेटी कुहू से ही फ़ुर्सत नहीं। तुम्हीं बताओं मैं क्या करूँ ? ” यूँ ही माँ से अपना दुखड़ा सुनाते कुणाल सो … Read more

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