पराये हुए अपने – कमलेश राणा
वो शाम बहुत अजीब सी बेचैनी से भरी थी। कोई किसी से न बात कर रहा था, न ही नजरें मिला रहा था या यूँ कहें कि बात करने के लिए कुछ था ही नहीं। वैशाली की रिपोर्ट का सभी व्यग्र हो कर इंतज़ार कर रहे थे। कुछ दिनों से वैशाली को चाहे जब चक्कर … Read more