फिर कहीं कोई फूल खिला – नीरजा कृष्णा
आज वे दोनों माली के साथ अपनी बालकनी के गमलों की देखरेख कर रहे थे। अचानक सुरेश बाबू की निगाहें कोने में रखे गमले पर पड़ी और उसमें अनायास उग आए एक छोटे से गुलाबी रंग के फूल पर रीझ कर पूछ बैठे, “दीनू काका, ये कौन सा फूल है…ये तुमने कब लगाया?” माली भी … Read more