“हर काम मर्यादा में रहकर ही अच्छा लगता है पत्नी जी” – ज्योति आहूजा

देविका। देविका” पति अमित ने अपनी पत्नी देविका को आवाज देते हुए कहा। “कहां हो ?कब से बुला रहा हूं। “आई बाबा !क्यों इतना जोर जोर से चिल्ला रहे हो?आ तो रही थी। सुबह के 10:00 बजने को हैं देविका। तुमने ना मेरा कोई नाश्ता बनाया। ना मेरा ऑफिस के लिए टिफिन तैयार किया। सुबह-सुबह … Read more

 बेगाना होते हुए भी तुमने अपना बना लिया – अर्चना कोहली “अर्चि”

“अब क्या होगा। इतनी जल्दी इतने सारे पैसों का इंतजाम कैसे होगा। जिन भाइयों पर भरोसा था, उन्होंने ही कन्नी काट ली। माता-पिता के जाने के बाद जिन्हें अपने पैरों पर खड़ा किया। हर खुशी उन पर न्योछावर कर दी। आज मेरा व्यापार मंदा होने पर लगता है, जायदाद के साथ दिलों का भी शायद … Read more

मर्यादा का उल्लंघन वो नहीं हम कर रहे ! – मीनू झा 

“वे एक दूसरे की जरूरतें पूरी करने का जरिया बन गए थे. ये बात हमें बीसियों लोगों ने फोन पर कहा, वो कहते कॉलोनी का हर इंसान उनके ही बारे में बातें कर रहा है तो बताइए सुधाकर अंकल, भला हम कैसे कान में तेल देकर सोए रहते.” तो उसमें गलत क्या था बेटे..जबसे नेपाली … Read more

औरत की इज़्ज़त करना सीखें – के कामेश्वरी 

गुंजन और रजनी दोनों पड़ोसी थी । एक ही स्कूल में पढ़तीं थीं । वे दोनों सिर्फ़ सोने के लिए ही घर जाती थीं वरना दो जिस्म एक जान के समान एक साथ ही दिखाई देतीं थीं । दोनों ने गाँव में जो स्कूल है वहाँ की पढ़ाई पूरी की थी । अब उन्हें शहर … Read more

ढोये हुए रिश्ते – कल्पना मिश्रा

कचहरी से आकर लॉन में ही पड़ी कुर्सी पर आँख मूंदकर बैठ गईं वो। अतीत की जिन बातों को अपने दिलोदिमाग़ से हटा देना चाहती ,उन्हें वही बातें बार-बार याद आ रही थीं। मात्र उन्नीस साल की ही तो हुई थी वह, जब बाबा की ज़िद की वजह से पढ़ाई बीच में ही छुड़वाकर ब्याह … Read more

आधुनिकता के नाम पर अपनी मर्यादा ना भूले— राशि रस्तोगी 

आज सुबह नीताजी जब मॉर्निंग वाक पर गयी, तो उन्हें उनके बेटे का दोस्त राहुल मिला | रोहन और राहुल दोनों मित्र पुणे में जॉब करते थे और साथ फ्लैट में रहते थे | “अरे, तू कब आया राहुल पुणे से? रोहन को भी ले आता अपने साथ ” यूँ हसते हुए उन्होंने राहुल से … Read more

अपनी मर्यादा कभी नहीं भूलेंगे – रश्मि प्रकाश 

“ शैल याद है ना कल स्कूल जाना है…. कृष का एडमिशन करवाना है…. तुम वक़्त पर तैयार हो जाना।” कह आलेख चादर ओढ़ सोगया  “ हाँ याद है…. हम दोनों तैयार हो जाएँगे ।” कह अपने बेटे कृष के सिर पर चुंबन अंकित कर उसे कस कर पकड़ सोने की कोशिश करनेलगी  सामने ही … Read more

बेअसरदार मॉर्निंग वॉक – संजय मृदुल

“अनुज भाई बड़े दिनों बाद दिखाई दिए?” मनोज ने तपाक से हाथ मिलाते हुए कहा। “क्या बात है बड़े स्लिम हो गए हो!” अनुज ने थोड़ा हैरत से देखते हुए प्रश्न किया। “हां यार! मॉर्निंग वॉक का असर है। आजकल रेगुलर जाते हैं ना।” “अच्छा! रोज तो हम भी जाया करते थे उस्ताद पर ऐसा … Read more

ससुराल के नियम – डॉ. पारुल अग्रवाल

सिया प्यारी सी जिंदगी से भरपूर सबका मन मोहने वाली लड़की थी। उसके बुआ के बेटे को शादी थी, जिसमें वो अपने मम्मी पापा के साथ आई हुई थी। आते ही उसने अपनी बुआ के घर सारे काम संभाल लिए थे। इधर उधर घूमकर वो हर किसी की एक आवाज़ पर उनको कभी चाय तो … Read more

“मां का सम्मान….. – प्रभात सिंह 

एक मध्यम वर्गीय परिवार के एक लड़के ने 10वीं की परीक्षा में 90% अंक प्राप्त किए …. पिता ने जब मार्कशीट देखकर खुशी-खुशी अपनी पत्नी को कहा ….सुनो…. आज खीर या मीठा दलिया बना लो स्कूल की परीक्षा मे हमारे लाड़ले को 90% अंक मिले है .. मां किचन से दौड़ती हुई आई और बोली….सच…..मुझे … Read more

error: Content is protected !!