बेटी के ससुराल का बुराई पुराण – कुमुद मोहन

“ले मेरी लाडो दूध पी ले! मुझे पता है बचपन से ही तुझे सोने से पहले दूध ना मिले तुझे नींद नही आती!”विभा दूध का भरा गिलास लिए रिया से बोली जो आज ही ब्याह के बाद पग फेरे के लिए आई है! फिर एक सांस मे चालू हो गई “मैं तो तेरी बिदाई के … Read more

अब तिरस्कार नहीं सहेगी वो !! – मीनू झा 

वह अपनी तकलीफ़ किसी को नहीं बताती यह तो मैं शुरू से जानती हूं..पर इतनी अहम बात उसके पति होने के नाते आपको तो पता होनी चाहिए विनीत जी..इतने दिनों का दाम्पत्य जीवन साथ गुजारने के बाद भी आप उसके हृदय की थाह ना पा सके ना सही,उसकी शारीरिक तकलीफ़े भी नहीं दिखी आपको…??? निहारिका … Read more

वो तुम्हारी बहू है कोई ग़ैर नहीं… रश्मि प्रकाश : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : “ क्या बात है बेटा आज फिर तुम सुबह सुबह रसोई में…. बहू की फिर से तबियत ख़राब हो गई क्या?” मनोरमा जी व्यंग्य कसते हुएनिकुंज से पूछी  “ हाँ माँ उसके पेट में बहुत दर्द हो रहा है…. कह रही उठते ही चक्कर सा आ रहा…. तो मैं ही … Read more

 तिरस्कार से अधिकार –   बालेश्वर गुप्ता

 माधवी, कुछ तो लिहाज किया करो।वो माँ है, मां, मेरी माँ,उनसे ऐसा उपेक्षित व्यवहार?माधवी उनके दिल पर क्या बीतती होगी?पाप कर रही हो,पाप।          ठीक है मैं पाप कर रही हूं तो आप पुण्य कमाओ,मैं कौनसा रोक रही हूं,तुम्हारी माँ है तो जाओ उनके आँचल में बैठो।        धीरे से तो बोल ही सकती हो,मां ने सुन … Read more

भाभी आपको रिश्तों की समझ नहीं. – प्रियंका मुदगिल

“क्या बात है भाभी!! कभी तो फोन कर लिया करो कभी तो किसी का हाल-चाल भी पूछ लिया करो आप तो सिर्फ अपने में ही खुश रहती हैं हम लोगों से तो जैसे आपको कोई मतलब ही नहीं है…” सुनीता की ननंद अलका ने फोन पर कहा! “नहीं दीदी!! ऐसी कोई बात नहीं है आजकल … Read more

बेशर्म दुल्हन – डॉ. पारुल अग्रवाल

घर पर पुताई का काम शुरू होना था। तन्वी को लगा यही मौका है कि लगे हाथ अलमारियों और पुराने संदूक की भी सफाई कर दी जाए तो पुराना कबाड़ बाहर किया जा सकता है। पर जैसे ही उसने पुराना सामान निकालना शुरू किया वैसे ही एक तरफ सुंदर से बैग में रखी उसकी शादी … Read more

सफेद दाग कोई बीमारी नहीं है। – सुषमा यादव 

मीनल ट्रान्सफर होकर अपने पति के पास गई। नया शहर नये लोग सबके साथ सामंजस्य बनाने में थोड़ा समय लगा। पतिदेव के आफिस में  उनसे वरिष्ठ अधिकारी थे, जिनसे इनकी बहुत दोस्ती थी, दोनों में बहुत पटती थी,, वो इनसे उम्र में बहुत बड़े थे, इसलिए गांव के नाते उनके सामने मीनल नहीं निकलती थी,, … Read more

नई पीढ़ी की नई सोच बदल रही है समाज का स्वरूप: कितनी सही कितनी गलत – खुशबू पुरी

समाज में परिवर्तन होता रहता है। अक्सर हम अपने आसपास हो रहे बदलावों को मूक  होकर देखते रहते हैं। देखना एक तरीके से सही भी है क्योंकि परिवर्तन होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। फिर प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही निजी समस्याओं में भी घिरा होता है तो वह समाज की समस्याओं में दखल देने से बचता … Read more

“जैसे शादी पवित्र बंधन, वैसे ही तलाक भी पवित्र  है” – सुधा जैन : Short Stories in Hindi

Short Stories in Hindi : शीर्षक पढ़कर चौंकिए मत आप कहेंगे तलाक भी पवित्र कैसे हो सकता है?  प्रस्तुत है ,इस विषय में मेरी कहानी … प्रिया ने कुछ माह पहले ही मेरी स्कूल में शिक्षिका के तौर पर ज्वाइन किया है, नई पदस्थ हुई है। एकदम दुबली पतली ,सुंदर आंखों में गहरी कालिमा है, … Read more

मैंने सदैव तुम्हारी भावनाओं का तिरस्कार किया है! – ज्योति आहूजा

आज रमा और सुशांत जी अपने बेटे और बहू को एयरपोर्ट पर छोड़कर घर वापस आए थे। सुशांत जी और उनकी पत्नी रमा के दो बच्चे है।एक बेटी कीर्ति और बेटा कुणाल। बेटी की शादी सुशांत जी ने तीन साल पहले एक अच्छे घर में कर दी थी।अच्छा रिश्ता मिल रहा था तो बेटी के … Read more

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