निर्दोष की बद्दुआ – गीता वाधवानी
बड़ा ही रोब था उसका, नाम था उसका पुत्तन भैया। वाहन,दुकान, पैसा,दो मकान और ढेर सारे चमचे, गुर्गे, जो पुत्तन भैया को भरपूर मक्खन लगाते थे। कई गैर कानूनी कामों से पैसा कमाया जाता था। और शायद उन पापों को धोने के लिए कभी माता की चौकी, तो कभी मंदिर में भंडारा करवाया जाता और … Read more