राधा स्वामी सदन – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

“राधा !ओ राधा, कभी तो एक बार में सुन लिया करो।चालीस साल हो गए हमारी शादी को।दुनिया कहां से कहां पहुंच गई, पर तुम जैसी की तैसी रह गई।एक तुम्हीं चलाती हो गृहस्थी इस दुनिया में।कमाल है भई।”  राधा को पति का यूं चिढ़कर ताने मारना बड़ा भाता था। जानबूझकर सुनती नहीं थी एक बार … Read more

लोभ का फल – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

 वैभव,वैभव कहते हुए माँ नें वैभव के कमरा मे प्रवेशकिया। बोलो माँ कुछ काम है क्या?तुम्हारी सारी तैयारी हो गईं?तो जाओ अब जाकर सो जाओ।कल सुबह पांच बजे के बस से चलेंगे तो समय पर भोपाल पहुंच सकेंगे और फ्लाइट पकड़ पाएंगे। सुबह जल्दी उठना पड़ेगा वैभव नें कहा।हाँ सोने ही जा रही थी पर … Read more

हिन्दी पर प्रहार -विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   रोज की तरह अपने सारे निपटाकर मानसी अपने बच्चों के पैरों में मालिश करने लगी।उसने पहले छोटे मनु की मालिश की और फिर बड़े अंकित के पास आई।पैरों की मालिश करने के बाद उसने हाथों में तेल लगाना चाहा तो हथेली लाल लकीरें देखकर वो चौंक उठी। उसने सोए हुए अंकित के गालों पर आँसू … Read more

विश्वासघात – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

अरे सुनो..नीरज की मां..देखो! यह लड़की अपने नीरज के लिए कैसी रहेगी। मिस्टर सहाय ने भेजी है। वर्मा जी की पत्नी उनकी आवाज सुनते ही फटाफट अपने हाथ पोंछती हुई उधर आई। जो बर्तन साफ कर रही थी। इतनी जोर से क्यों चिल्ला रहे हो। यहीं तो थी मैं। अरे छोड़ो तुम। ये फोटो देखो। … Read more

” अनजानी राह की ओर ” – डा. सुनील शर्मा : Moral Stories in Hindi

रास्तों पर विश्वास नहीं करना चाहिए. कई बार रास्ते हमें ऐसी जगह ले जाते हैं, जो हमारी मंज़िल नहीं.कभी कभी ऐसे दोराहे पर छोड़ देते हैं जहां राह चुनना बहुत मुश्किल हो जाता है.  यदि मंज़िल पर पहुंचना है तो रास्ता खुद चुनो.  अंकिता ने कुछ ऐसा ही किया. कस्बे की ज़िंदगी छोड़ कर उसने … Read more

सेवा को मेवा – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

     विनायक और राजवंत दो भाई और एक बहन दंमयंती।शहर के पास बसा एक  गांव जो कि अब बड़े कस्बे में परिवर्तित हो चुका था जहां पर इस परिवार का बसेरा था। हरिप्रसाद जी की यहां पर बहुत पुरानी बर्तनों की दुकान जहां पर किसी जमानें में पीतल, कांसे, लोहे , भरत के बर्तन मिलते थे, … Read more

भाई बहन का प्यार – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

दरवाजे की घंटी बजी और डाकिया एक लिफाफा हाथ में पकड़ा गया। चिट्ठी आज के जमाने में… जल्दी से लिफाफा खोला,” मेरे प् FCयारे भैया, इस बार राखी पर आ नहीं पाऊंगी। अतः राखी भेज रही हूं।  तुम्हारी बहना।”, लिफाफे में रेशमी राखी और साथ में अक्षत रोली ‌। राहुल सोच में पड़ गया। ” … Read more

मुख्य अतिथि

भव्य समारोह हो रहा था।चाक चौबंद व्यवस्था थी।पूरे शामियाने में तिल रखने की जगह नहीं थी। शहर के नवनियुक्त युवा कलेक्टर का आगमन होने ही वाला था। पुलिस की गाड़ियां सुरक्षा की दृष्टि से तैनात खड़ी थीं। शहर के नामचीन कॉलेज का वार्षिकोत्सव कार्यक्रम था।इस बार कार्यक्रम प्रभारी प्रोफेसर राजन थे जो बहुत गंभीर और … Read more

 वह गंवार औरत मेरी मां हैं !! – स्वाती जैंन

मम्मी , सच कहती हो तुम  मेरे घर में गंवार औरत हैं …… रज्जी फोन पर बात कर ही रही थी कि पीछे से सास अर्चना जी की आवाज आई और उसने फोन कट कर दिया !!  बेटा , तुम अकेली अकेली रसोई में काम करने आ गई , मैंने कहा तो था मुझे कमरे … Read more

आप अपने बेटे के साथ क्यों नहीं रहते – मंजू ओमर 

अरे शर्मा जी कब आए बेटे के यहां से,कल ही आया हूं। शर्मा जी दूध लेने को आए थे स्टिक का सहारा लेकर जाने लगें तो गुप्ता जी ने कहा लेकिन अब आपको अकेले यहां नहीं रहना चाहिए । देखिए आप ठीक से चल भी नहीं पा रहे हैं । वहां कम से कम बहू … Read more

error: Content is protected !!