आजी -कल्पना मिश्रा
उन सभी के चेहरों पर अपनों द्वारा ठुकराये जाने का दर्द साफ झलक रहा था।बचपन से अब तक तो बस सुनती ही आई थी कि ” बुढ़ापा अभिशाप होता है ..उस पर अपने ही शरीर के अंश द्वारा किया गया बुरा रवैया उन्हें अंदर तक तोड़ देता है।” ये आज “वृद्धाश्रम में रह रहे बुज़ुर्गो … Read more