ऐसा बेटा होने से अच्छा बेटा ना हो 

गोपी की बहु वंदना की शादी बेटे सुकेत से हुए अभी कुछ ही दिन बीते थे की अचानक गोपी के पति धीरेंद्र को दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो जाती है. पति की मौत के बाद गोपी बहू वंदना और बेटी संकेत के साथ घर में ही रह रही थी लेकिन कुछ दिन … Read more

ड्यूटी – कल्पना मिश्रा

*** “छुटकी बहू ,ज़रा एक गिलास पानी दे देना।” “उफ़्फ़,, अब मेरे अकेले से नही होता।  एक ही लड़के को पैदा नही किया, सबको किया है। अब दो-दो महीने सब लोग अपने साथ ले जायें और बैठाकर सेवा करें” बड़बड़ाते हुये बहू ने पानी लाकर रख दिया। “पापा जी,आप अब थोड़े-थोड़े दिन सबके साथ जाकर … Read more

स्वाभिमान और अभिमान –  कविता भड़ाना

आखिरकार आज “स्वाभिमान” और “अभिमान” का टकराव हो ही गया था। अपने जीवन के महत्वपूर्ण साल अपने परिवार को देने के बाद “मनीषा” ने जब अपनी खुशी और पहचान के लिए कुछ करना चाहा तो अभिमानी “अजय” को ये सहन नही हो पा रहा था।  रिश्ता बेशक दोनो का पति – पत्नी का है पर … Read more

रिश्ते हमेशा बराबर वालों से बनाने चाहिए.. – संगीता त्रिपाठी

रत्ना  और किशोर जी ने सीमित आय में भी अपने दोनों बेटों अमित और सुमित की पढ़ाई में कोई व्यवधान नहीं आने दिया। खुद की जरूरतों को अनदेखा कर बच्चों की परवरिश अच्छी तरह की। जब अमित पढ़ाई खत्म कर जॉब में आया तो रिश्तों की बाढ़ सी आ गई। आये भी क्यों ना, अमित … Read more

“स्वाभिमानी” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा

राजीव ने पिताजी को बालकनी में टहलते हुए देखकर   कहा -” सुबह- सुबह मॉर्निंग वॉक के बहुत सारे फायदे हैं पिताजी.. सेहत के लिए ! घर के बालकनी में टहलने से नहीं होगा कल से सुबह उठकर जाइए खुली जगह पर।  पहले तो वे तैयार नहीं हुए लेकिन सबके दबाव पर आखिरकार मान गए। … Read more

बहू सो रही हो क्या??? – सविता गोयल 

“बहू…. सो रही हो क्या??? ,, कामना जी ने अपनी बहू साक्षी के कमरे में झांकते हुए धीरे से कहा। सास की आवाज सुनकर लेट कर मोबाइल चलाती हुई साक्षी उठ बैठी, ” नहीं मां जी…. आईये… कोई काम है क्या ?? बैठते हुए साक्षी ने पूछा। ” नहीं बहू, काम तो कुछ नहीं , … Read more

स्वाभिमान अपना अपना – सुभद्रा प्रसाद

  “शादी की सालगिरह मुबारक हो, भैया- भाभी |” नैना ने अपना उपहार देते हुए चहक कर कहा |          “ओ नैना, तुम यहाँ, कैसे? ” उसके भैया रवि ने पूछा |          “रंजन की बदली इसी शहर में हो गई है |हम दो महीने पहले ही यहाँ आये हैं |आज आपकी शादी की सालगिरह पर अचानक आकर … Read more

मेरे लिए मेरे पति का स्वाभिमान मेरे बेटे के मोह से कहीं बढ़कर है। – गीतू महाजन

रत्न जी की रिटायरमेंट में बस कुछ ही समय बचा था। वह चाहते थे कि रिटायरमेंट से पहले अपने बेटे की शादी कर दें।बेटी को तो उन्होंने लगभग 3 साल पहले ही ब्याह दिया था और वह अपने घर में खुश थी।इस बात को लेकर रत्न जी और उनकी पत्नी सुगंधा जी को बहुत तसल्ली … Read more

तू नौकरी क्यों करना चाहती हैं?? – मनीषा भरतिया 

रोमा बचपन से ही आत्मनिर्भर बनना चाहती थी| उसे पुरुष पर निर्भर रहना पसंद नहीं था| वह अपने माता पिता ज्ञानचंद जी और माता तारामणि जी की इकलौती संतान थी| उसके पिता ज्ञानचंद जी बहुत बड़ी रियासत के मालिक थे, घर में दूध की नदियां बहती थीं| यूँ कहो तो घर में पैसों की रेलम … Read more

मेरी मां और नानी मेरा स्वाभिमान हैं !! – स्वाती जैंन

तुम अगर कमा नही सकते वरुण तो मैं तुम्हारे साथ नहीं रह सकती , मैं अकेले कब तक घर का खर्चा पूरा करती रहूंगी !! बेटी माहिरा भी बड़ी हो रही है , आगे जाकर यह क्या सोचेगी की उसका पिता एक निकम्मा इंसान था संध्या बोले जा रही थी !! वरुण बोला बस करो … Read more

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