अम्मा का स्वाभिमान – उमा वर्मा
अम्मा आखिर चली गई ।घर में आज उनकी अंतिम श्राद्ध की दौड़ धूप मची हुई है ।पंडित जी जीम कर उठने वाले ही हैं ।नाते रिश्ते दारो को अब भूख सताने लगी है ।सबकुछ, खाने से लेकर दान दक्षिणा की तैयारी भी तो करनी पड़ी बेटे बहुओं को ।आज भर का झमेला है, कल से … Read more