किस्मत के रंग – प्राची लेखिका
छाया अपनी आलीशान गाड़ी में बैठकर मंदिर जा रही थी। गाड़ी से उतर कर वह मंदिर की सीढ़ियों पर चढ़ी। तभी वह मंदिर के पास लगी दुकानों से फूल खरीदने के लिए रुक जाती है। ‘बहन जी पूजा के लिए फूल देना’ उसने फूल बेचने वाली साधारण सी महिला से कहा। लेकिन जैसे ही उसकी … Read more