मानसिकता
पुत्र और पुत्रवधू की शादी की वर्षगाँठ मनाने की उड़ती-उड़ती चर्चा मेरे कानों में भी पड़ी थी।उस दिन रविवार की सुबह थी ।अक्टूबर महीने की गुलाबी ठंड का अहसास फ़िज़ाओं में महसूस होने लगा था ।बाहर बरामदे में सुबह की चाय संपन्न हो चुकी थी।चाय के बाद के अपने रोज़ाना रूटीन के अनुरूप खुरपा लेकर … Read more