नियति का खेल – रश्मि सिंह
शिखा-मम्मी कल सुमन की शादी है, मेरे पास कोई ढंग के कपड़े नहीं है, आप तो जानती हो कितने बड़े घर की है वो तो थोड़ा ठीक ठाक बनकर जाऊँगी। उमा (शिखा की माँ)-जानती हूँ तुम दोनों बचपन की सहेलियाँ हो, उसने कभी अपनी अमीरी को तुम दोनों की दोस्ती के बीच नहीं आने दिया, … Read more