खुला दरवाजा – डा.मधु आंधीवाल

दामिनी शर्मा एक ऐसा नाम जिसे लोग बहुत सम्मान से लेते थे ।  निर्भीक, निडर और स्पष्ट बोलने वाली  सबकी प्रिय एक रुतबा था उनका । परिवार को बहुत ही प्यार से और  करीने से सींचा था । सीमित संसाधनों में अपने बच्चों के साथ साथ  परिवार के अन्य बच्चों को भी अपने पास रख … Read more

आखिर इतना दिखावा क्यों…? – रोनिता कुंडू

पापा..! देखिए मेरी फ्रेंड शीना की शादी के फोटोग्राफ्स… उसकी शादी कितनी खास तरीके से हुई है… देखिए पुल वेडिंग… कितना ऑसम है ना..! पापा..! आप मेरी भी ऐसी ही शादी करवाएंगे ना..? अनोखी ने अपने पापा मुकुंद जी से कहा… मुकुंद जी: बेटा..! शीना के पापा खानदानी रईस लोग हैं… उनके लिए यह सब … Read more

दिखावटी प्यार… – संगीता त्रिपाठी

रीना घर के कम खत्म कर बालकनी में मोबाइल ले कर बैठ गई, फेसबुक खोला तो पहली पोस्ट उसकी सहेली प्रिया के पति शिशिर की दिखी.., अपनी और प्रिया की खूबसूरत पिक डाल कर उन्होंने कितनी शेर -शायरी लिख कर प्रेम का इजहार किया है ..कितना प्यार करते है शिशिर प्रिया से…. एक मेरे पति … Read more

दूसरी शादी और दोहरा मापदंड – मुक्ता सक्सेना

नोट – आज की कहानी में सिर्फ एक ही व्यक्ति के परिपेक्ष्य में ही लिख रही हूं। बहुत सारी घंटनाक्रमों का समीकरण है जिसे आप लोग समझ सकते है। नाटकीय रूप देने का मन नहीं है क्युकी जो सच्ची बातें है, उनका क्या नाटकीय रूप देना। किसी के व्यवहार से मेल खाए और उसे बुरा … Read more

ग्रैंड पैरेंट्स डे – रश्मि सिंह

शिवि-मम्मा कल ग्रैंड पैरेंट्स डे है, सबके दादा-दादी आएँगे। दादी को बुलाया गया है। शिखा-रुको अभी समीर (शिखा का पति) को फ़ोन कर कहती हूँ कि गाँव से मम्मी को लेते आएँ। शिवि-मम्मी अबकी बार दादी आएगी तो उन्हें यही रोक लेंगे। शिखा-नहीं बेटा उनको यहाँ अच्छा नहीं लगता है गाँव में रहने की आदत … Read more

प्रेरणा – कंचन श्रीवास्तव 

मनीष के द्वारा पकड़े कागज के पुलिन्दे  ने मेरे होश उड़ाए दिए। “सब कुछ संभला रहे तो पुरुष की वाह वाही जरा सा कुछ बिगड़ जाए तो ……………।” इन्हीं दो पाटों के बीच जिंदगी पिस कर रह जाती है  हां यही तो सुनती आ रहीं हूं वर्षों से,मुझे याद है जब भाई (रमेश) हाईस्कूल की … Read more

दिखावा – दीपा माथुर

वाह, मम्मी आज तो आपकी बहु रानी ने आपको स्टेटस पर सबसे पहले बधाई दी है। वान्या ने अपनी मम्मी निर्मला जी को छेड़ते हुए कहा। निर्मला जी हिंदी विषय की व्याख्याता है। स्वभाव में एकदम सरल,वाणी में तो  माधुर्य घुला हुआ और अपनापन ऐसा की हर रिश्ते में उनकी धाक रहती है। सभी प्रयासों … Read more

ये दिखावा है या प्यार …? – रश्मि प्रकाश

कभी कभी ज़िंदगी ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है कि सामने  मनपसंद दृश्य देख कर भी दिल भयभीत हो उठता है… मन घबरानेलगता है ऐसा लगता है मानो ना जाने अब कौन सी गलती हो जाएगी और ……राशि सामने का दृश्य देख कर यही सब सोच रही थी किउसके पति निकुंज ने झकझोरते … Read more

पकौड़े – नीलिमा सिंघल

रामचरणबाबू यों तो बड़े सज्जन व्यक्ति थे. शहर के बड़े पोस्ट ऑफिस में सरकारी मुलाजिम थे और सरकारी कालोनी में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सुख से रहते थे. लेकिन उन्हें पकौड़े खाने का बड़ा शौक था. पकौड़े देख कर वे खुद पर कंट्रोल ही नहीं कर पाते थे. रविवार के दिन सुबह नाश्ते … Read more

जो बंधन तोड़े न जा सके उनकी टीस ज्यादा दर्द देती है – संगीता अग्रवाल

सलोनी यूँही बैठी फेसबुक पर दोस्तों की पोस्ट देख रही थी अचानक उसे किसी पेज पर लिखी पंक्तिया दिखाई दी । “यूँ तो टूटे हुए रिश्तो की आह सर्द होती हैपर जो बंधन तोड़े ना जा सके उनकी टीस ज्यादा होती है। कितना सही लिखा है लिखने वाले ने किसी बंधन का टूटना इंसान को … Read more

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