“आवरण” – कविता भड़ाना
नए साल के स्वागत में आज सोसाइटी की रौनक बस देखते ही बन रही थी…खाने – पीने के स्टॉल , कपड़ो के स्टाल, आर्टिफिशियल जूलरी और गेम्स के स्टाल बड़े तरीके से सुंदर से पार्क में लगे हुए थे, वहीं एक तरफ लाइव संगीत और डीजे पर बच्चे, महिलाएं और पुरुष थिरक रहे थे… प्रिया … Read more