वीणा की झंकार – बालेश्वर गुप्ता
माँ तू भी? तू तो नारी है,फिर भी मुझे ही प्रताड़ित करती रहती है, क्यूँ भला? सारे दिन कॉलेज जाने से पहले ,फिर बाद में घर का सब काम करना,और बाद में तेरी कठोर वाणी,चल वीणा पढ़ाई कर।थक जाती हूँ मां, थक जाती हूँ। वीणा की वाणी सुन सुमन आँखों के कोर में आँसू लिये … Read more