जाकी रही भावना जैसी – पूनम अरोड़ा
ईशा रोज स्कूल से आके जब बस से उतरती तो गेट पर अपनी जितनी उम्र की लड़की को बैठे देखती । समझ नही आता कि वो इस समय रोज यहाँ अकेली क्यों बैठती है और क्यों ? शक्ल से वो भिखारी भी नहीं लगती थी न ही उसके हाव भाव ऐसे थे कि कुछ माँगने … Read more